पेशेंस होना बहुत जरूरी! -जसलीन मथारू

‘बिग बॉस’ के घर से देश दुनिया में तहलका मचाने के बाद अब एक बार फिर रुपहले परदे की ओर दस्तक देंगी, बहुआयामी प्रतिभा की धनी जसलीन मथारू। हाल ही में एक टिक टॉक वीडियो के जरिए मीडिया में उनकी चर्चा जोरों पर है। प्रस्तुत है जसलीन मथारू से सोमप्रकाश ‘शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
‘बिग बॉस’ के घर से निकलने के बाद क्या आप मानती हैं कि आपके कैरियर को और ऊंची उड़ान मिली है?
‘बिग बॉस’ के घर जाने से पहले मेरे सिंगिंग शो होते रहते थे। इस बीच एक फिल्म भी रिलीज हो चुकी थी। लेकिन वहां से आने के बाद मेरे करियर को निश्चित ही ऊंची उड़ान मिली है। इस समय मैं दो फिल्मों में काम कर रही हूं।
ऐसी क्या वजह है जो आप अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं?
ये तो मुझे खुद नहीं पता कि मैं क्यों आए दिन सुर्खियों में आ जाती हूं? मैंने बालों का कलर चेंज किया तो मेरे वॉचमैन ने भी वही कलर करा लिया जिसके चलते मैं वहां भी सुर्खियां बटोरने लगी। सच कहूं तो लोग मेरे नेचर से बहुत प्यार करते हैं।
हाल ही में वायरल हुए टिकटॉक वीडियो से क्या वाकई आपकी छवि को कोई धक्का पहुंचा है?
मेरी छवि को कोई धक्का तो नहीं पहुंचा है। लेकिन कोई मेरे बारे में इतने गंदे खयालात वह भी पब्लिक प्लेस पर ला भी कैसे सकता है जबकि उससे मेरी कोई बातचीत भी नहीं होती है। हां, इस तरह की हरकत करके लोग मेरे साथ जरूर अन्याय करते हैं। वे मेरे नाम से खिलवाड़ करके सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं।
आप एक बेहतरीन अदाकारा होने के साथ-साथ एक बेहतरीन सिंगर भी हैं। बावजूद इसके मंजिल से अभी भी दूर। आप क्या मानती हैं?
मेरा मानना है कि स्ट्रगल जीवन से कभी खत्म नहीं होता। मेरे जीवन में भी चीजें धीरे-धीरे परिवर्तित हो रही हैं, रातों-रात चीजें चेंज नहीं होती।उसके लिए पेशेंस का होना भी बहुत जरूरी है।
वैसे तो आप विभिन्न प्रतिभाओं से संपन्न हैं। फिर भी जीवन में किसी एक का चयन करना पड़े तो क्या करना ज्यादा पसंद करेंगी?
आज मेरे पास जो कुछ भी है वह कुदरतन है।ऐसे में मुझे किसी एक को चुनना नाइंसाफी लगती है।मेरा मानना है कि मैं हर फील्ड में बेहतर कर सकती हूं।
फिल्म जगत में रातों-रात मिली अपार लोकप्रियता का श्रेय आप किसको देना चाहेंगी?
मेरे लिए मेरे पिता ही सर्वोपरि हैं। आज मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की प्रेरणा का प्रतिफल है।मेरे पिता के रिश्तों की धरोहर का फिल्म बॉलीवुड में आज मुझे अपार सहयोग मिल रहा है। मैं तो कहूंगी वह हैं तभी मैं हूं।