" /> झांकी….मुशायरा और मुहब्बत

झांकी….मुशायरा और मुहब्बत

अचानक या सोची-समझी नीति के तहत गुलाम नबी आजाद भाजपा को प्रिय लगने लगे हैं। इतने प्रिय कि उनके सम्मान में लाल गलीचा बिछाकर स्वागत तक की रस्म जोर-शोर से निभाई जा रही है। कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं को पानी पी-पीकर कोसनेवाली भाजपा गुलाम नबी आजाद को लेकर तब से पलक पांवड़े बिछाए स्वागत के लिए तैयार है, जब राज्‍यसभा में कार्यकाल पूरा करने पर उनकी विदाई में प्रधानसेवक ने उच्च सदन में भावुक प्रदर्शन-प्रवचन किया था। शनिवार की शाम अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को आजाद की मेहमान नवाजी करने का मौका मिला तो कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी। मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ मुशायरे में मोदी सरकार आजाद का रेड कारपेट वेलकम करती दिखी। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ मुशायरे के जरिए आत्मनिर्भर भारत के रास्ते पर बढ़ रहे अहसास को बयां करने की पहल की गई। मुशायरे में भाजपा के दो मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी शामिल हुए। डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाम नबी आजाद के पोस्‍टर लगाए गए थे। यह पहला मौका था जब मोदी सरकार के किसी कार्यक्रम में किसी कांग्रेसी नेता के पोस्‍टर दिखाई दिए। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को बैठा देखकर हर कोई हैरान था। संयोग यह है कि डॉ. जितेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद दोनों ही जम्मू-कश्मीर से आते हैं। इसका प्रयोग जम्मू-कश्मीर विधान सभा चुनावों में दिखने की पूरी संभावना है। राजीव गांधी के बेहद वफादार रहे गुलाम नबी आजाद को इस बार कांग्रेस ने राज्यसभा नहीं भेजा है। बाकी गुणा-भाग आप कर लीजिए। हां, आत्मनिर्भर भारत में आजाद भाजपा के ‘गुलाम’ बनने की राह पर बढ़ चले हैं।
उड़नपरी पर नजर
चुनाव की दहलीज पर खड़े केरल में भारतीय जनता पार्टी लोकप्रिय चेहरों की भर्ती में जुटी है। केरल से ताल्लुक रखनेवाले मेट्रो मैन ई. श्रीधरन को पार्टी से जोड़ने के बाद अब उड़नपरी पूर्व ओलिंपियन और पूर्व एथलीट पीटी ऊषा पर भी भाजपा ने नजर गड़ा दी है। पार्टी को उम्मीद है कि केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे उनके मुताबिक आएंगे। ‘उड़नपरी’ को पार्टी में शामिल करने के लिए जिस आक्रामक तरीके से भाजपा उन्हें लुभाने में जुटी है, उससे केरल के लोगों के लिए कोई हैरानीवाली बात नहीं है। कृषि कानूनों पर केंद्र का पुरजोर समर्थन कर चुकी ‘उड़नपरी’ ट्वीट में भाजपा के लिए झुकाव और समर्थन दिखने से भाजपा अति उत्साहित है। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और गायिका रेयाना की टिप्पणी की निंदा में उषा का ट्वीट इसी लाइन पर था, ‘हम अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करते हैं और लोकतंत्र के सच्चे मॉडल हैं। हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें, हम जानते हैं कि हम अपने स्वयं के मुद्दों को वैâसे सुलझा सकते हैं? क्योंकि हम एक और एक ही राष्ट्र हैं। विश्व विविधता को बनाए रखने में विविधता। ‘हैश टैगक्ष्भारत प्रोपगेंडा के खिलाफ। यह अलग बात है कि उषा का ट्वीट भी ठीक तरह का था, जैसा इस मुद्दे पर अन्य नामी-गिरामी खिलाड़ियों व अभिनेताओं का था। पार्टी की आईटी सेल के इस ट्वीट उत्पाद को उषा ने आगे खिसका दिया था। तभी से भाजपा को लगता है कि उड़नपरी के सहारे केरल में कमल खिल सकता है। आखिरी तड़का सबरीमाला का मुद्दा तो है ही।
संघ-भाजपा में तनातनी
छत्तीसगढ़ में भिलाई में भारतीय जनता पार्टी और उसके पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में तलवारें खिची हुई हैं। नौबत यहां तक आ गई कि रविवार की रात संघ कार्यकर्ता के घर पर भाजपाइयों ने हमला बोल दिया। स्मृति नगर की इस घटना ने छत्तीसगढ़ भाजपा की अंतरकलह को उजागर कर दिया है। घर पर हुए हमले से दहशत में आकर संघ के नेता डॉ. दीप चटर्जी जब रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचे तो उनका मामला दर्ज नहीं किया गया। इस पर भाजपा का एक धड़ा थाने पहुंचा और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगा। भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच की टशन का खामियाजा डॉ. दीप को भुगतना पड़ा। डॉ. चटर्जी ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। साथ ही भाजपा कार्यालय निर्माण के लिए दी गई राशि भी वापस मांगी थी। डॉ. चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट की बातें भाजपा के कुछ लोगों को बुरी लगी। इसलिए उनके घर पर रविवार को हमला कर उन्हें जान से मारने की धमकी तक दी गई। संघ के नेता श्रीनिवास खेड़िया ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ भाजपा नेता व कार्यकर्ता एकजुट हैं, जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन करेंगे। भाजपाइयों के इस गुट ने डॉ. दीप चटर्जी के घर में घुसकर तोड़फोड़ मचाई। उनकी हरकत देखकर संघ नेता का परिवार दहशत में आ गया और मामला थाने तक पहुंचा।
बयान शराबी
राजस्थान के उदयपुर जिले की वल्लभनगर सीट खाली है। कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद उपचुनाव होने हैं। जाहिर है क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हैं और टिकट पाने की होड़ में दावेदार अपनी जुबान पर काबू नहीं रख पा रहे हैं। भाजपा नेता उदय लाल डांगी का एक बयान उनके रास्ते की रुकावट बन सकता है। डांगी ने एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि ‘गजेंद्र सिंह शक्तावत की मौत प्रâी फोकट की दारू पीने से हुई है। इसलिए आगामी उपचुनाव में विधायक की मौत को लेकर सहानुभूति नहीं मिल सकेगी, क्योंकि शराब पीकर मरनेवाले व्यक्ति से लोग क्यों सुहानभूति रखेंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हुआ और उसका असर यह हुआ कि डांगी ने अपने बयान को लेकर माफी मांग ली। कांग्रेस में दिवंगत विधायक की पत्नी प्रीति शक्तावत और भाई देवेंद्र सिंह शक्तावत टिकट की दौड़ में हैं। दूसरी ओर जनता सेना के पूर्व विधायक रणधीर सिंह भिंडर ने चुनावी मैदान में ताल ठोंक दी है। मतलब जनता सेना के भाजपा में विलय और चुनाव नहीं लड़ने की चर्चाओं पर रणधीर सिंह भिंडर ने विराम लगा दिया। भिंडर के मुताबिक भाजपा में जनता सेना के विलय की अफवाहों को पैâला कर हमारे कार्यकर्ताओं को निराश करने की कोशिश की जा रही है लेकिन उसमें भाजपा और कांग्रेस को सफलता नहीं मिल सकेगी। भिंडर ने गुलाबचंद कटारिया पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा है कि मेवाड़ में भाजपा सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्त में है इसीलिए उनकी विचारधारा यहां पर मेल नहीं खाती है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)