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झांकी…भड़के स्वामी!

भड़के स्वामी!
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी जबरदस्त भड़के हुए हैं। ऐसा ताव है कि बस चले तो पार्टी की आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय को निपटा ही दें। स्वामी ने भाजपा की आईटी सेल को दुष्ट सम्मान से अलंकृत करते हुए कहा है कि आईटी सेल के लोग उन पर फर्जी आईडी से निजी हमले कर रहे हैं। स्वामी ने भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय को भी लपेटा है और उनको हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उनके समर्थकों ने भी निजी हमले करने शुरू किए तो इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। ट्विटर पर गर्जना करते हुए स्वामी बोले, ‘भाजपा की आईटी सेल दुष्ट हो गया है। उसके कुछ सदस्य फर्जी आईडी बनाकर मुझ पर निजी हमले कर रहे हैं। अगर मेरे समर्थक गुस्सा हो गए और निजी हमले करने लगे तो मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। जिस तरह दुष्ट आईटी सेल के लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं है।’ अगले पूरक ट्वीट में स्वामी ने लिखा, ‘मैं इन्हें अबतक नजरअंदाज कर रहा था लेकिन भाजपा को ऐसे लोगों को निकालना चाहिए। कोई मालवीय चरित्र वाला इतने गंदगी के साथ चला रहा है। हम लोग मर्यादा पुरुषोत्तम वाली पार्टी हैं किसी रावण या दुशासन वाली नहीं।’ दरअसल सच यह है कि आईटी सेल में कार्यरत भाजपा के साइबर योद्धा हर आलोचक के कपड़े उतारने में दीक्षित किए गए हैं, भले ही आलोचक उनके घर का ही क्यों न हो। स्वामी को यह बात समझनी चाहिए।
डिसलाइक प्रतियोगिता में योगी आगे
प्रधानमंत्री के मन की बात यूट्यूब पर साझा हुई और इतने ज्यादा लोगों ने नापसंद (Dग्ेत्ग्व) का बटन दबा दिया कि उनके यूट्यूब प्रबंधक ने वह विकल्प ही निरस्त कर दिया। अब लगता है भाजपा में नापसंदगी को लेकर कोई प्रतियोगिता चल रही है और इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष व पार्टी के चहेते प्रवक्ता संबित पात्रा को पीछे छोड़ दिया है। योगी की पोषण अभियान संबंधी वीडियो कांप्रâेंसिंग को उप्र सरकार के अधिकृत यूट्यूब चैनल पर लाइव किया गया, जिसे १.२३ लाख लोगों ने देखा और ४ हजार लोगों ने लाइक व ३७ हजार लोगों ने डिसलाइक किया। इस चैनल के १.६५ लाख सब्सक्राइबर हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की एक प्रेस कांप्रâेंस के लाइव प्रसारण को ३१.५० लाख सब्सक्राइबर वाले भाजपा के राष्ट्रीय यूट्यूब चैनल पर १.५९ लाख लोगों ने देखा, जिसमें ५,४०० लाइक और १४ हजार डिसलाइक मिले जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा झारखंड राज्य कार्यकारिणी के वर्चुअल संबोधन को भाजपा के इसी यूट्यूब चैनल पर प्रसारण किए जाने पर १.२३ हजार लोगों ने देखा और इसे २,४०० लोगों ने लाइक और ९,८०० लोगों ने डिसलाइक किया।
उत्तराखंड सरकार का पिंडदान
इन दिनों हिंदू परंपरा के मुताबिक दुनिया छोड़ चुके लोगों के श्राद्ध किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में सरकार का पिंडदान भी हो गया। सत्तारूढ़ भाजपा का छात्र संगठन ही सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध कर रहा है। राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालयों में एक पिथौरागढ़ महाविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कब्जा है। छात्र संघ कुमाऊं विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षा एक साथ कराए जाने पर विरोध जता रहा है। संघ ने अपनी मांगों को लेकर बीते दिनों प्रदर्शन में प्रदेश की भाजपा सरकार और कुमाऊं यूनिवर्सिटी के कुलपति का पुतला जलाया था। जब उनकी मांग को अनसुना किया गया तो छात्र संघ ने सूबे के मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और कुमाऊं यूनिवर्सिटी के कुलपति का पिंडदान कर डाला। महाविद्यालय परिसर में छात्र संघ ने पिंडदान का आयोजन बाकायदा पूरे विधि-विधान के साथ किया। महाविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष चंद्र मोहन पांडे का कहना है कि छात्रों की जायज मांगों को वह कई बार सरकार और कुलपति के सामने रख चुके हैं। जब दोनों तरफ से कोई जवाब नहीं मिला तो इनका पिंडदान करना ही जरूरी समझा। जो सरकार अपनी प्रजा की फरियाद नहीं सुन रही है, वह मरे के समान है और जो सरकार मर चुकी है उसका श्राद्ध किया जाना जरूरी है। पांडे अभाविप के जिला संयोजक भी हैं।
कर्नाटक में राग-रागिनी
कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी की ड्रग मामले में गिरफ्तारी के बाद एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तैरने लगी। तस्वीर में अभिनेत्री भाजपा प्रत्याशी के साथ चुनाव प्रचार करती नजर आ रही है। २०१९ के उपचुनावों की यह तस्वीर वायरल होते ही पार्टी अभिनेत्री से कन्नी काटने की कवायद में जुट गई। पार्टी बड़ी मासूमियत से बोली कि रागिनी द्विवेदी कभी भी पार्टी की सदस्य नहीं रही है और हो सकता है कि उसने २०१९ विधानसभा उपचुनाव में खुद पार्टी के लिए प्रचार किया हो। सवाल यह है कि क्या गिरफ्तार अभिनेत्री इतनी फालतू है कि उसे ईश्वरीय आदेश मिला कि जाओ और बिना बुलाए, बिना बताए भाजपा का चुनाव प्रचार करो, कल्याण होगा। पार्टी प्रवक्ता कैप्टन गणेश कार्णिक का एक बयान जारी हुआ जिसमें कहा, ‘हम रागिनी द्विवेदी से किसी भी तरह से जुड़ाव से इनकार करते हैं। २०१९ उपचुनाव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों हस्तियों ने भाजपा के लिए प्रचार किया था। हो सकता है कि रागिनी द्विवेदी उनमें से एक रही हों। द्विवेदी न तो भाजपा की सदस्य हैं और न ही भाजपा ने उन्हें प्रचार की कोई जिम्मेदारी दी थी। पार्टी उनके निजी और पेशेवर जीवन में गतिविधियों के लिए जवाबदेह नहीं है। हमारा उनसे कोई लेनादेना नहीं है और उनसे दूरी बनाते हैं।’ द्विवेदी एवं अन्य पर रेव पार्टियों में तस्करों के जरिए मादक पदार्थ की आपूर्ति करने का आरोप है।