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झांकी… सड़क पर शर्म

सड़क पर शर्म
शर्मनाक शब्द भी शर्म से पानी-पानी है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक प्रेमी जोड़े को सरेआम चेहरे पर कालिख पोतकर गांव में जुलूस निकाला गया। हाटा कोतवाली के वार्ड नंबर २२ में भीड़ ने लड़के के बाल काटे और फिर प्रेमी जोड़े के गले में जूते-चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया। गांववालों का कहना है कि सुबह इन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। जब इसकी जानकारी गांव के अन्य लोगों को हुई तो उन्होंने इन दोनों के मुंह पर कालिख पोतकर उन्हें जूते-चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया और इस जोड़े के आगे-पीछे जुलूस की शक्ल में भीड़ शोर मचाते हुए चलती रही। कुछ लोग इन दोनों का वीडियो बनाते रहे, लेकिन इनकी मदद में कोई आगे नहीं आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। इस वारदात के बाद से प्रेमी अपने घर से रहस्यमय स्थिति में लापता है। हाटा कोतवाली प्रभारी ज्ञानेंद्र राय के मुताबिक मामला संज्ञान में आते ही दो लोगों को हिरासत में ले लिया गया है, बाकी लोगों की पहचान करके कार्रवाई किए जाने की तैयारी चल रही है। इस तरह की अमानवीय वारदात किसी भी सभ्य समाज को स्वीकार नहीं हो सकती।
हाय मेरा बिल!
राजस्थान के उदयपुर का एक किसान अपने हाथ में विद्युत निगम का बिजली बिल देखकर यही कह रहा है, हाय मेरा बिल। बिजली उपभोग के लिए ३,७१,६१,५०७ रुपए का बिल देखकर किसान के होश उड़ गए। निगम की मेहरबानी से यह भारी-भरकम बिल पाने वाला एक दुकान का मालिक किसान पेमाराम जिले के गिंगला गांव का रहने वाला है। उसने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से बिजली कनेक्शन ले रखा है। इस बार जब जनता को बिजली के बढ़े हुए बिल मिल रहे हैं तो पेमाराम ने भी हर बार से थोड़ा ज्यादा बिल आने का अनुमान लगाया था। लेकिन जब पेमाराम के हाथ में बिजली का बिल आया तो उसके होश उड़ गए। बिल को निर्धारित तिथि तक जमा नहीं कराए जाने पर सात लाख रुपए का विलंब शुल्क बताया गया था। बाद में पेमाराम का यह बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हैरान-परेशान पेमाराम ने इसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की और वह ई-मित्र शॉप पर पहुंचा। वहां इस बिल की वास्तविक राशि ६,४१४ रुपए सामने आई तो उन्हें और उनके परिवार को थोड़ी राहत मिली।
कौवों का दोस्त
पितृपक्ष चल रहा है और छत्तीसगढ़ में धमतरी स्थित प्रकाश आडवाणी की छत पर कौवों का झुंड हर साल की तरह इस साल भी मेहमान बनकर इकट्ठा हुआ है। पक्षीप्रेमी आडवाणी की कौवों से यह अनोखी दोस्ती २० वर्ष पुरानी है। घर की छत पर रोजाना सैकड़ों कौवे उनके हाथों से दाना चुगते हैं। पितृपक्ष में परदेसी काले कौवे हर साल आते हैं। गोल बाजार में कपड़ों की छोटी सी दुकान से होने वाली आमदनी से अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही इसी कमाई का एक हिस्सा वे अपने खास दोस्तों पर भी खर्च करते हैं। खास बात यह है कि हर साल पितृपक्ष में परदेसी काले कौवे आते हैं। जो दो-तीन महीने रहते हैं फिर न जाने कहां चले जाते हैं। उनके पिता भी इन पक्षियों को रोजाना दाना देते थे। उनके निधन के बाद भी कौवे लगातार आते रहे और शोर मचाते थे, तब खुद प्रकाश ने उन्हें दाना देना शुरू किया जो आज भी जारी है। वैसे धमतरी शहर में प्रदूषण के कारण कौवै और कहीं दिखाई नहीं देते। लेकिन प्रकाश के घर रोज सैकड़ों की संख्या में ये पक्षी आते हैं।
आज सौगातों की बौछार
बिहार के पिछले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को सवा लाख करोड़ रुपए का पैकेज देने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। राज्य को कितना मिला? यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के लोग अच्छी तरह जानते होंगे। अब फिर चुनावी बयार बह रही है इसलिए आज फिर प्रधानमंत्री चुनावी सौगात देने जा रहे हैं। पता चला है कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार के लिए आज यानी ११ सितंबर को ४ सड़क परियोजनाओं कन्हौली से रामनगर, आरा से मोहनिया, नरेनपुर से पूर्णिया और रजौली से बख्तियारपुर की सौगात देने जा रहे हैं। इन सड़क परियोजनाओं में ६,११२ करोड़ रुपए की लागत आएगी। प्रधानमंत्री इन परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास करेंगे। यह तो शुरुआत मात्र है। आचार संहिता लगने के पहले कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाना है। इनमें इस महीने के अंत तक दरभंगा एयरपोर्ट पर व्यावसायिक सेवा की शुरुआत भी शामिल है। इसके तहत दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान परियोजना के अंतर्गत देश के अन्य हिस्सों से हवाई मार्ग के साथ जुड़ जाएगा।