" /> १५ साल में सबसे निचले स्तर पर नौकरियां!, सिर्फ ३% कंपनियां ही करेंगी नई नियुक्तियां

१५ साल में सबसे निचले स्तर पर नौकरियां!, सिर्फ ३% कंपनियां ही करेंगी नई नियुक्तियां

देश में पहले से ही बेरोजगारी की समस्या मुंह बाए खड़ी थी पर कोरोना काल ने इसे और भी भयावह बना दिया है। अर्थव्यवस्था दिनों दिन नीचे जा रही है और इसका सीधा प्रभाव नौकरियों पर पड़ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हिंदुस्थान में नियुक्तियों यानी नई नौकरियों का स्तर १५ साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ८०० से अधिक नियोक्ताओं के सर्वे में सिर्फ तीन प्रतिशत कंपनियों ने ही अगले तीन माह के दौरान नई नियुक्तियां करने की मंशा जताई है। यह सर्वे मंगलवार को जारी किया गया।
बता दें कि मैनपावरग्रुप के रोजगार परिदृश्य सर्वे में देशभर की ८१३ कंपनियों के विचार लिए गए हैं। सर्वे के अनुसार हिंदुस्थानी नियोक्ता २०२० की पहली तिमाही में नियुक्तियों को लेकर सतर्कता का रुख अपना रहे हैं। सर्वे के अनुसार ७ प्रतिशत नियोक्ताओं ने कहा कि वे कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं ३ प्रतिशत का कहना था कि वे कर्मचारियों की संख्या में कटौती करेंगे।
५४ प्रतिशत ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। इन आंकड़ों को ‘सीजनल बदलाव’ के हिसाब से समायोजित करने के बाद परिदृश्य सिर्फ ३ प्रतिशत ही बैठता है। यानी सिर्फ ३ प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। मैनपावरग्रुप के अनुसार यह सर्वे १५ साल पहले शुरू किया गया था। यह साल नियुक्ति के मामले में १५ साल में सबसे कमजोर है। पिछली तिमाही से तुलना की जाए, तो यह स्थिर है। लेकिन यदि पिछले साल की समान अवधि से तुलना की जाए, तो इसमें १६ प्रतिशत अंक की गिरावट है। सर्वे के अनुसार, छोटे आकार के संगठनों में नियुक्ति का परिदृश्य सबसे मजबूत है। उसके बाद मध्यम आकार और बड़े आकार के संगठनों का नंबर आता है। क्षेत्रों की बात जाए तो उत्तर और पूर्वी क्षेत्र का परिदृश्य पश्चिम और दक्षिण की तुलना में अधिक सकारात्मक है।