" /> कमल `मंत्र!’… कहीं घपलायंत्र तो कहीं दबावतंत्र

कमल `मंत्र!’… कहीं घपलायंत्र तो कहीं दबावतंत्र

मतदाताओं पर बनाया जा रहा है मनोवैज्ञानिक दबाव
सता रहा है सत्ता से बेदखल होने का डर
सरकारी एजेंसियों का कर रहे हैं दुरुपयोग

भारतीय जनता पार्टी देश में अपनी बिगड़ती स्थिति से पूरी तरह बौखला गई है। जिन राज्यों में भी चुनाव हो रहे हैं या होने वाले हैं, वहां पार्टी अपनी ताकत आजमाइश कर रही है। विरोधी पार्टी के नेताओं पर सरकारी एजेंसियों का छापा मरवा कर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर छापा मारा गया था। अब तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान होने से ठीक पहले आयकर विभाग ने डीएमके अध्यक्ष स्टालिन के दामाद सबरीसान के घर छापा मारा है। इसके अलावा भाजपा पूरी तरह से घपला पर उतर आई है। बता दें कि असम के पथरकंडी विधानसभा क्षेत्र में सफेद रंग की बोलेरो कार में ईवीएम मशीन मिली है। ये कार करीमगंज जिले की पथरकंडी सीट से विधायक और भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की है। इन मामलों को देखते हुए लोगों का कहना है कि यहां लोकतंत्र नहीं कमल `मंत्र’ काम कर रहा है। कहीं घपला तो कहीं दबावतंत्र चलाकर मतदाताओं पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है।

तमिलनाडु में राजनीतिक कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान होने से ठीक पहले आयकर विभाग ने डीएमके अध्यक्ष स्टालिन के दामाद सबरीसान के घर पर संदिग्ध टैक्स चोरी के मामले में छापेमारी चल रही है। यह वही जगह है जहां पर डीएमके के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बैठक करते हैं। सबरीसान के ठिकाने के अलावा आयकर विभाग ने अन्नानगर से डीएमके के उम्मीदवार मोहन के घर भी छापेमारी की है। दरअसल ६ अप्रैल को तमिलनाडु की २३४ विधानसभा सीटों पर मतदान होनेवाले हैं लेकिन मतदान से पहले तमाम ओपिनियन पोल्स में इस बार एआईडीएमके और भाजपा सत्ता से बेदखल होती दिख रही है। इस लिहाज से चुनाव से ठीक पहले डीएमके नेता के घरों पर आयकर विभाग की छापेमारी को राजनीतिक कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

असम में भाजपा नेता की कार में ईवीएम
बता दें कि असम के पथरकंडी विधानसभा क्षेत्र में सफेद रंग की बोलेरो कार में ईवीएम मिली हैं, जो विधायक और भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पाल की है। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में भी इसका जिक्र भी किया है। इस मामले को लेकर भाजपा ही नहीं, चुनाव आयोग पर भी सवाल उठने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अधिकारियों से घटना पर जवाबतलब किया है लेकिन चुनाव आयोग के सूत्र इस घटना के पीछे कुछ अलग ही कहानी बता रहे हैं। बहरहाल चुनाव आयोग ने ४ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और बूथ पर फिर से वोटिंग कराने का आदेश दे दिया है।
बोलेरो कार में ईवीएम मिलने की ये घटना गुरुवार १ अप्रैल को रात करीब साढ़े दस बजे सामने आई थी। गुरुवार को असम में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग के दौरान करीमगंज में भी मतदान हुआ था। स्थानीय लोगों ने जब कार को घेरा तो ड्राइवर कार को छोड़कर भाग गया। सूत्रों के मुताबिक उस समय कार के अंदर न तो चुनाव आयोग का कोई अधिकारी और न ही सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। कार में ईवीएम मिलने की खबर पैâलने के बाद बड़ी तादाद में लोग वहां लोग जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। गौरतलब है कि गुरुवार को असम के अलावा पश्चिम बंगाल में भी दूसरे चरण के लिए ३० सीटों पर वोट पड़े थे। वहां भी कार में ईवीएम मिलने की घटना के बाद तृणमूण कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया।