" /> बॉलीबचन : कोरोनिका!!

बॉलीबचन : कोरोनिका!!

लखनऊ की एक सिंगर ने तहलका मचा दिया है। सुना है कि उसके ऊपर ४ एफआईआर दर्ज हो चुके हैं। बेबी डॉल आदि उपनाम से ये सिंगर फेमस रही है। हालांकि कौन सा उसका गीत फेमस हुआ था, ये अपने को पता नहीं है। वैसे भी आजकल के बकवास सरीखे गीत अपने पल्ले पड़ते भी नहीं। न सुर होता है न ताल! बस बीट होती है। धूम-धाम टाइप का। कुछ गिटपिट से शब्द होते हैं। आजकल के गीतकार भी ऐसे ही हैं तुकबंदी मास्टर। क्या लिखते हैं, शायद उन्हें भी पता नहीं होगा। बस लिख दिया। तो ये जो बेबी डॉल हैं वह लंदन से वापस आई थीं। कोरोना जनवरी से ही खबरों में आ गया था। पर ये जो सेलेब्स होते हैं, ये शायद पढ़ते-लिखते हैं नहीं। इन्हें पता नहीं होता कि दुनिया में क्या चल रहा है? चीन में किस वायरस का आउटब्रेक हुआ है? मोहतरमा लंदन से १० मार्च को लौटी थीं। तबतक तो लोगों को पता चल चुका था। अच्छी तरह से पता चल चुका था कि ये कोरोना-कोरोना क्या है? नहीं पता था तो कनिका कपूर को। बच्चे लंदन में पढ़ रहे हैं। यानी मैडम पढ़ी-लिखी बुद्धिमान और पैसेवाली हैं। सो जब एक खतरनाक मर्ज आउटब्रेक हो रहा है, मीडिया में उसकी चर्चा हो रही है तो फिर उसे गंभीरता से नहीं लेना, लापरवाही ही कही जाएगी।
एयरपोर्ट पर विदेश से आनेवाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होती है। हालांकि यह तकनीकी मामला है और ज्यादा इस बारे में नहीं पता। फिर भी कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह बदन की गर्मी नापनेवाला यंत्र है। अब कोई जरूरी नहीं कि विदेश से जो संक्रमित यात्री आ रहा हो, वह बुखार से पीड़ित ही हो। बुखार नहीं तो ये थर्मल स्क्रीनिंग फेल। मगर ये १४ दिनों का पूरा मामला होता है। बुखार १० दिनों बाद भी उभर सकता है। कनिका को सर्दी-जुकाम एक हफ्ते बाद हुआ और जब जांच करवाई तो पता चला कि मामला कोरोना का है। कनिका, कोरोनिका हो गई। अगर विदेश से आने के बाद १४ दिन तक चुपचाप अपने घर में पड़ी रहती तो ये वायरल नहीं हुआ होता। एक दर्जन मंत्री-संत्री की जान अटक गई है। सब सेल्फ आइसोलेशन में चले गए हैं। एक नया अंग्रेजी का शब्द भी कोरोना के साथ इंपोर्ट होकर आया है। क्वारंटीन। कुछ इसे क्वारंटाइन कह रहे हैं। अब ये क्वारंटीन है या क्वारंटाइन, इस पचड़े में हम अभी क्यों पड़ें! मतलब वही है जो आइसोलेशन का होता है। यानी अलग-थलग। मगर सच कहता हूं कि कुछ दिनों तक तो बड़ी उलझन में था कि ये ‘क्वारंटीन’ क्या बला है। उच्चारण करने में भी काफी मुश्किल सी हो रही है। मगर अब इतनी बार ये शब्द लिखना पड़ा कि अब कोई समस्या नहीं है।
कोरोनिका की छोड़िए यहां पूरा बॉलीवुड सेल्फ क्वारंटीन में है। सोनू निगम के बच्चे दुबई में पढ़ते हैं। सोनू उनसे मिलने वहां गए थे और अब उन्होंने तय किया है कि वे मुंबई नहीं आएंगे और वहीं दुबई में रहेंगे ताकि यहां कोई समस्या नहीं खड़ी हो। समस्या यानी जब यहां आएंगे तो परेशानी, संदेह और क्वारंटीन आदि।  सोनू भी सिंगर हैं और अच्छे सिंगर रहे हैं। कम से कम उनका गाना ‘हर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी, छांव है कहीं, कहीं है धूप जिंदगी, हर पल यहां जी भर जियो, जो है समां कल हो न हो…’ तो यूनिवर्सल हिट रहा है और आज भी सुनने में काफी सुकून मिलता है। मगर सोनू ने समझदारी का परिचय दिया है। यही समझदारी सबको देनी है। अब यहां बॉलीवुड में शूटिंग बंद हैं। सिनेमा बंद है। फिल्मी पार्टी बंद है। ऐसे में सारे सितारे और सेलेब्स अपने-अपने घरों में दुबके पड़े हैं। सलमान खान अपने भांजे को गोद में उठाकर घूम रहे हैं। पेंटिंग करके दिल बहला रहे हैं। रितिक रोशन भी अपने घर में हैं। अनुष्का शर्मा भी अपने घर में हैं और पति विराट कोहली संग समय बिता रही हैं। शिल्पा शेट्टी टिकटॉक बना रही हैं और आम लोगों को जागरूक कर रही हैं कि पास नहीं आना…! हर सितारा अपनी तरफ से जागरुकता पैâलाने का प्रयास कर रहा है। भारत एक ऐसा विशाल देश है, जहां करोड़ों अबादी ऐसी है जिसे बात देर से समझ में आती है। वह भी जब सेलेब्स १०-२० बार कुछ कह दें, तब उन्हें लगता है कि हाथ धोना चाहिए और मास्क पहनकर बाहर जाना चाहिए। कुल मिलकार ऐसे माहौल में जब चारों तरफ अनिश्चितता का माहौल है तो ऐसे में इन सेलेब्स की सराहना की ही जानी चाहिए।