" /> करमाड रेलवे दुर्घटना में मृत मजदूरों के प्रत्येक परिवार वालों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से 5 लाख रुपए दिए जाएंगे – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

करमाड रेलवे दुर्घटना में मृत मजदूरों के प्रत्येक परिवार वालों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से 5 लाख रुपए दिए जाएंगे – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

उत्तर भारतीय मजदूरों के लिए
अधिकाधिक गाड़ी छूटनी शुरू
संभाजीनगर के पास करमाड स्थित सटाना में मालगाड़ी (गुड्स ट्रेन) की चपेट में आकर उत्तर भारतीय 16 मजदूरों की मौत हो गई। इस मौत पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुःख व्यक्त किया है। मृतक परिवारवालों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से प्रत्येक को 5 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की है। इसके अलावा सभी घायलों का व्यवथित इलाज सरकार की खर्च पर करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
उत्तर भारतीय श्रमिकों और मजदूरों के लिए जितनी संभव हो उतनी ट्रेनें जारी करने के लिए केंद्र के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही सभी की वापसी के लिए व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने श्रमिकों को धैर्य न खोने का आह्वान किया है।
आज सुबह हुई उक्त दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल मुख्य सचिव और रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की।
परप्रांतीय कर्मचारी जालना क्षेत्र में एक स्टील कंपनी में एक ही साथ काम कर रहे थे और जालना से ट्रेन मार्ग से पद यात्रा कर रहे थे। यात्रा में थके होने के कारण रेलवे मार्ग पर ही सो गए थे। उसी दौरान सुबह के शुरुआती घंटों में एक मालगाड़ी के पटरी से गुजरी ओर उसमें कम से कम 16 लोग मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। घायलों का उपचार चालू है। पिछले 4-5 दिनों से, महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से विशेष श्रम गाड़ियां जारी की जा रही हैं। लगभग एक लाख लोग अपने-अपने गांव सुरक्षित पहुंच गए हैं। अगले कुछ दिनों में, यह योजना बनाई गई है कि राज्य में फंसे हुए सभी कर्मचारी अपने घरों में ठीक से पहुंचेंगे और रेलवे के साथ लगातार समन्वय बना रहेगा। हाल ही में मुंबई से ट्रेन को छोड़ने का फैसला किया गया था, जिससे घर लौटने वाले कई श्रमिक भी थे। मुख्यमंत्री ने लोगों से एक बार फिर से अपील की है कि वे अपने जीवन को खतरे में न डालें। सरकार ने राज्य में सभी श्रमिकों के लिए आश्रय की व्यवस्था की है। हम घर जाने तक अंतिम श्रमिकों को भोजन और चिकित्सा प्रदान कर रहे हैं, इसलिए तुरंत अपना आश्रय न छोड़ें। ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया है। रेलवे की समयसारिणी के बारे में उन्हें सरकार और रेलवे द्वारा सूचित किया जाएगा। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।