पूर्व सैनिकों के हवाले काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा

काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद करने के साथ ही मंदिर परिसर में श्रध्दालुओं के साथ पुलिसकर्मियो द्वारा आये दिन दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लेते हुए मोदी सरकार द्वारा मंदिर में तैनात यूपी पुलिस और पीएसी के जवानों को हटाकर पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा, जबकि सीआरपीएफ अपने स्थान पर तैनात रहेगी।

गृह मंत्रालय से इसकी अनुमति मिल गई है और मंदिर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक प्वाइंट बनाए गए हैं।
इसे रेड जोन और यलो जोन में बांटा गया है। यहां पीएसी, पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता सहित कई अन्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां काम कर रही हैं।

सामान्य दिनों में इनकी संख्या ढाई हजार से अधिक है। इनमें से जो पुलिस और पीएसी के जवान मंदिर परिसर में तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा। इनकी जगह पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद होने के साथ ही श्रध्दालुओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत भी दूर हो जाएगी।