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लेते रहिये काढ़ा-भाप, दूर रहेगा कोरोना!-प्रोफेसर इविवि

•कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में शुरू हुई सात दिवसीय अंतर्विषयक कार्यशाला।
• देश के कई विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ कर रहे ऑनलाइन चर्चा।

डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से संबद्ध सुल्तानपुर के केएनआईपीएसएस में सात दिवसीय अन्तर्विषयक ऑनलाइन कार्यशाला का बुधवार को श्रीगणेश हो गया। जिसमें देश के तमाम नामी-गिरामी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर हिस्सा ले रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जंतुविज्ञान विभाग के प्रोफेसर मल्होत्रा ने साफ तौर पर मत व्यक्त किया है कि काढा और स्टीम यानी भाप का सेवन कोरोना उन्मूलन में रामबाण है। इसका सेवन करके कोरोना को दूर भगाया जा सकता है।

कार्यक्रम संयोजक व संस्थान के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ वीपी सिंह ने वक्ताओं का स्वागत एवं परिचय कराया। छपरा विवि, बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने अपने बीज वक्तव्य के दौरान उच्च शिक्षा में रिसर्व की महत्ता रिसर्च के विभिन्न आयाम, उद्देश्य व क्वालिटी रिसर्च के विभिन्न मानकों के बारे में सारगर्भित एवं व्यौरेवार विस्तृत जानकारी दी व प्रतिभागियों की जिज्ञासा का समाधान भी किया। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के जंतुविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार मलहोत्रा ने वैश्विक महामारी कोविड-१९ प्राकृतिक है या कृत्रिम? इस बारे में गहराई से चर्चा की। साथ ही साथ कोरोना वायरस के ४ सिन्टोमेटिक रूप के बारे में बताया। कहा कि, काढ़ा व भाप लेने से ४-५ दिन के अन्दर कोरोना से निजात पाई जा सकती है। इसका म्यूटेशन ही हिंदुस्थान में सबसे लो लेबल २.३% है। मध्यान्ह विराम के पश्चात डॉ अवधेश दुबे ने शोध सर्वेक्षण हेतु गूगल फॉर्म बनाने की तकनीक को शोधार्थियों , प्रतिभागियों के साथ साझा किया। प्राचार्य डॉ राधेश्याम सिंह व डॉ राम नयन सिंह ने सभी रिसोर्स पर्सन और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में उपप्राचार्य डॉ सुशील कुमार सिंह, डॉ के डी सिंह, डॉ डी के त्रिपाठी, डॉ सुनील प्रताप सिंह, डॉ बिहारी सिंह, डॉ नीता सिंह, डॉ प्रतिमा सिंह, संजय पांडेय व दीप बरनवाल आदि सक्रिय रहे।