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केंद्र पर बिफरी कांग्रेस, बालासाहेब थोरात और अशोक चव्हाण ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

तो सचिन सावंत ने राज्यपाल के व्यवहार पर उठाया सवाल

भाजपा नेताओं का बड़बोलापन जारी है। राज्य में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस भी इन दिनों इसी बड़बोलेपन के शिकार हैं। भाजपा के इसी बड़बोलेपन को लेकर कल कांग्रेस केंद्र सरकार पर बिफर पड़ी। कांग्रेसी नेता व मंत्री अशोक चव्हाण और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री बालासाहेब थोरात ने मोदी सरकार पर निशाना साधा तो कांग्रेसी प्रवक्ता सचिन सावंत ने कंगना को लेकर राज्यपाल के व्यवहार पर सवाल उठाया। इन सब ने तो यह तक कह डाला कि देश की जो वर्तमान परिस्थिति है उसके लिए सिर्फ केंद्र की मोदी सरकार ही जिम्मेदार है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की जीडीपी रसातल में चली गई है। इसे ठीक करने के उपाय ढूंढ़ने की बजाय भाजपा नेता बेमतलब की बातें करते नजर आ रहे हैं और देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं।
बता दें कि विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में बयान दिया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के काल में देश रसातल में चला गया था। इसी को लेकर कांंग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार को जमकर कोसा। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने फडणवीस को दिमाग से दिवालिया बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश की औसतन विकास दर ७.५ प्रतिशत रही। मोदी के नेतृत्व में देश की जीडीपी रसातल में चली गई है। देश आर्थिक रूप से दिवालिया होने की कगार पर खड़ा है। चीन को दम देने का दिखावा कर चीनी बैंक से ही कर्ज लेकर हिंदुस्थान में अतिक्रमण करनेवाली चीन को क्लीन चिट देना मोदी सरकार के कार्यकाल में ही हो रहा है, ऐसा भी बालासाहेब थोरात ने कहा। उन्होंने कहा कि आज देश में द्वेष और राज्यों में संषर्घ का वातावरण छाया हुआ है। देश में धार्मिक द्वेष और दंगा पैâलानेवालों और उनके समर्थकों को सरकारी सुरक्षा दी जाए रही है। ऐसा भी प्रहार थोरात ने केंद्र पर किया। थोरात के अलावा कांग्रेसी नेता व मंत्री अशोक चव्हाण ने भी फडणवीस को फटकारते हुए केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में देश की क्या दशा हुई है? इसका आत्मचिंतन फडणवीस को करना चाहिए। इसी तरह उन्होंने मुंबई पुलिस को बदनाम करनेवाली और मुंबई की तुलना पीओके से करनेवाली कंगना रनौत को लेकर राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी पर सवाल उठाया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि कंगना से मुलाकात के दौरान अगर राज्यपाल ने कंगना की खिंचाई की होती तो महाराष्ट्र की जनता खुश हुई होती। राज्यपाल कोश्यारी भले ही उत्तराखंड के हों लेकिन संविधान की दृष्टि से वे महाराष्ट्र राज्य के प्रमुख हैं। उनके प्रति सभी को आदर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की प्रतिष्ठा और उसकी रक्षा की जिम्मेदारी राज्य के प्रमुख राज्यपाल की रहती है इसलिए मुंबई, महाराष्ट्र और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का अपमान करनेवाली कंगना रनौत को उन्हें फटकारना चाहिए था।