" /> खाकी ने पेश की मानवता की मिसाल : महिला पुलिसकर्मी ने 50 बच्चों को लिया गोद

खाकी ने पेश की मानवता की मिसाल : महिला पुलिसकर्मी ने 50 बच्चों को लिया गोद

एक तरफ कोरोना का कहर जारी है। मुंबई पुलिस अपनी जान जोखिम में डालकर लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करवा रही है। इस कठिन समय में खाकी की तरफ से एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की गई है। नायगांव एचक्यू में तैनात रेहाना शेख नामक पुलिसकर्मी ने पनवेल स्थित ज्ञानाई माध्यमिक विद्यालय में पढ़नेवाले 50 बच्चों को गोद लिया है।
रेहाना ने ‘दोपहर का सामना’ से बातचीत करते हुए बताया कि उनके एक साथी पुलिसकर्मी रविंद्र पाटिल ने उन्हें इस विद्यालय के बारे में बताया था। रेहाना को पता चला कि इस विद्यालय में गरीब वर्ग के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। 22 मार्च को मुंबई पुलिस में उनके 20 वर्ष पूरे हो गए तो इस खुशी में उन्होंने ज्ञानाई विद्यालय में बच्चों के साथ मिलकर इस शानदार मौके को मनाना चाहा। लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। इसके बाद रेहाना की बेटी का जन्मदिन आया, तो उन्होंने सोचा कि जन्मदिन के मौके पर वह पुलिस से इजाजत से लेकर ज्ञानाई विद्यालय जाएं और बच्चों को खाने-पीने का सामान बांटें। लेकिन इसके पहले वे कुछ कर पातीं, एक बार फिर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। रेहाना के पड़ोस में रहनेवाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया, जिसकी वजह से इन्हें भी क्वारंटाइन होना पड़ा। लेकिन इन्होंने सोचा कि भले ही वे खुद न जा पाएं लेकिन विद्यालय के बच्चों तक दूसरे को पहुंचाया जाए। रेहाना के दोस्त रविंद्र पाटील पनवेल में रहते हैं। उन्होंने रविंद्र के बैंक खाते में पैसे डालते हुए उनसे आग्रह किया कि वे इस पैसों से सभी बच्चों को खाने-पीने की सामग्री के साथ मास्क एवं सैनिटाइजर मुहैया कराएं। इसके बाद सभी बच्चों को खाने-पीने की सामग्री के साथ मास्क और सैनिटाइजर बांटे गए। इन सभी बच्चों की फोटो जब रेहाना को मिली तो वे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और उनकी आंखों से आंसुओं की धार बह निकली। उन्होंने बताया कि कई बच्चे ऐसे हैं जिनके मां या बाप नहीं हैं। कुछ बच्चे 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय में पढ़ने के लिए आते हैं तो वहीं कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो सिर्फ एक वक्त का खाना खाने के लिए विद्यालय आते हैं। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने 50 बच्चों को गोद लेने का फैसला किया। रेहाना ने स्कूल प्रशासन से बात कर सभी कागजी प्रोसेस को पूरा किया और बच्चों को गोद ले लिया। खबर सामने आने के बाद उनके पास बधाई के लिए कई फोन आ रहे हैं। गृह मंत्री अनिल देशमुख सहित कई आईपीएस अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है।