मातमी मॉनसून! राज्य में ३५ की मौत

– यातायात सेवा लड़खड़ाई
– एक हजार लोगों का किया गया स्थानांतरण
मुंबई सहित महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश के कारण हुई विभिन्न घटनाओं में ३५ लोगों की मौत हुई है। जिसमें सबसे अधिक मौत मुंबई के उपनगर मालाड में हुई, जहां तेज बारिश में एक दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर २२ लोगों की मौत हो गई है। विभिन्न हादसों में ५० से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं के लिहाज से यह मॉनसून मातमी मॉनसून साबित हुआ है।
सोमवार रात पुणे के अंबेगांव इलाके में एक शैक्षणिक संस्थान की दीवार उसके पास बनी अस्थायी झोपड़ियों पर गिरने से छह श्रमिकों की मौत हो गई। इसी तरह तड़के ठाणे जिले के कल्याण में एक दीवार गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। खराब मौसम के चलते मुंबई के ‘छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ पर ५४ विमानों के मार्ग बदले गए और ५२ उड़ाने रद्द कर दी गईं। हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण जयपुर से आ रहा ‘स्पाइसजेट’ का एक विमान मुंबई हवाई अड्डे के मुख्य रनवे से फिसलकर नीचे उतर गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) अधिकारियों के मुताबिक देर रात करीब दो बजे मालाड-पूर्व के पिंपरीपाड़ा स्थित परिसर में दीवार ढह गई और पास की झुग्गियों में रहनेवाले लोग उसकी चपेट में आ गए। एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘घटना की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। इसके अलावा दमकल विभाग की एक टीम और स्थानीय पुलिस भी स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मौके पर मौजूद थी।’ स्थानीय निकाय अधिकारी ने बताया कि घायलों को ‘जोगेश्वरी ट्रॉमा अस्पताल’ और कांदिवली के ‘शताब्दी अस्पताल’ में भर्ती कराया गया है। कल्याण में हुए हादसे में दुर्गाडी किले के पीछे एक उर्दू स्कूल की दीवार देर रात करीब एक बजे ढह गई, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। नौसैनिक अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय कुर्ला में एनडीआरएफ, नौसेना और दमकल विभाग ने एक साझा अभियान में करीब १,००० लोगों को सुरक्षित निकाल कर आश्रय स्थल तक पहुंचाया।