" /> पुराने पन्नों से… सपने पर सस्पेंस!, शिकंजे में फंसा ८ लोगों का हत्यारा

पुराने पन्नों से… सपने पर सस्पेंस!, शिकंजे में फंसा ८ लोगों का हत्यारा

 

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में वांछित और दिल्ली व उत्तर प्रदेश के इनामी गैंगस्टर अंकित गुज्जर व उसके साथी अनिल उर्फ मांडवाली को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के झज्जर जिले से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। सवा लाख रुपये के इनामी बदमाश अंकित गुज्जर पर ८ लोगों की हत्या में शामिल होने का आरोप है। वह लंबे अर्से से अपनी आपराधिक हरकतों के कारण अखबारों में सुर्खियां बनता रहा। दिल्ली, हरियाणा, यूपी में जरायम की दुनिया का बादशाह बनने का मंसूबा उसने पाल रखा था लेकिन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके सपनों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्या के आठ मामलों में शामिल मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अंकित गुज्जर और उसके साथ अनिल उर्फ मांडवाली को गिरफ्तार किया है। अंकित उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खैला गांव का रहनेवाला है और एक लाख रुपये का इनामी बदमाश अनिल दिल्ली के दक्षिणपुरी का निवासी है। दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में अंकित गुज्जर बेहद डेसपरेट क्रिमिनल है। वह तब अधिक सुर्खियों में आ गया था जब उसने अपने पॉलिटिकल प्रतिद्वंद्वी की हत्या कर दी थी और पूरे गांव में धमकी भरे पोस्टर लगा दिए थे कि अगर कोई इसके खिलाफ चुनाव में खड़ा हुआ तो उसकी भी विनोद की तरह हत्या कर दी जाएगी। दरअसल वर्ष २०१९ में अंकित यूपी के अपने गांव चांदी नगर से प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहता था। वह चाहता था कि प्रधानी का चुनाव वह निर्विरोध जीत जाए। लेकिन विनोद नामक शख्स ने चुनावी रण में अंकित को चुनौती देने की हिमाकत कर दी। अंकित को यह नागवार लगा। नतीजतन अंकित ने विनोद की हत्या करके पूरे गांव में पोस्टर लगवा दिया था। पोस्टर में लिखा था, ‘मैं अंकित उर्फ बाबा मेरा सभी गांववासियों से निवेदन है कि मुझे अपने गांव में निर्विरोध प्रधानी चाहिए। अगर निवेदन से भी समझ नहीं आया तो फिर रिजल्ट आपके सामने है। यदि मुझे किसी और के चुनाव में खड़े होने की सूचना मिली तो फिर अंजाम विनोद की तरह होगा। टिकट बांटने के लिए गेट तो क्या बड़े गांव की नहर भी पार नहीं करने दूंगा।’ अंकित द्वारा लगवाया गया यह पोस्टर पुलिस और प्रशासन को सीधी चुनौती था। तभी से अंकित पुलिस के रडार पर आ गया था।
दूसरी ओर अंकित दिल्ली, यूपी और हरियाणा के सरहदी इलाकों पर राज करना चाहता था। इसके लिये गैंगस्टर अंकित ने एक अन्य गैंगस्टर रोहित चौधरी के साथ हाथ मिलाया था। अंकित गुज्जर और रोहित चौधरी की मुलाकात जेल में हुई थी। जेल से छूटने के बाद दोनों ने हाथ मिला लिया था। दोनों मिलकर कथित तौर पर चौधरी-गुज्जर गिरोह बनाया था। वे दोनों दक्षिण दिल्ली में गिरोह का विस्तार करना चाहते थे। इन दिनों इनका गैंग साउथ दिल्ली में अपना वर्चस्व तेजी से स्थापित कर रहा था और इनका मकसद धीरे-धीरे पूरी दिल्ली सहित यूपी, हरियाणा के सरहदी इलाकों पर राज करना था। इनके डर से दक्षिणी दिल्ली के कई छोटे गैंगस्टरों ने इनसे हाथ मिला लिया था। फिलहाल ये सभी राजस्थान के नीमराना से गैंग चला रहे थे। इस दौरान गिरफ्तारी से बचने और पुलिस को चकमा देने के लिये अंकित ने अपना हुलिया भी बदल दिया था। अंकित दाढ़ी रखने लगा है।

ऐसे हुई गिरफ्तारी
बताया जाता है कि पिछले कुछ महीनों से विशेष सेल को दक्षिण दिल्ली क्षेत्र में विभिन्न गिरोहों के बीच वर्चस्व को लेकर गैंगवॉर छिड़ने की जानकारी मिल रही थी। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए थी। इसी बीच स्पेशल सेल को अंकित गुज्जर की मूवमेंट की सूचना मुखबिर से मिली थी। अंकित जब हरियाणा के झज्जर टोल को
क्रॉस कर रहा था, तभी पुलिस उसके पीछे लग गई। टोल के पास तैनात स्पेशल सेल की टीम ने कार में जा रहे आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। पुलिस को आसपास भांपकर बदमाश वहां से भागने लगे। पीछा करने पर झज्जर के पास बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने दोनों बदमाशों को दबोचने के लिए उनकी एसयूवी कार के टायर में गोली मार दी। इससे बदमाश भाग नहीं पाए और पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। दोनों के पास से दो पिस्टल और दस कारतूस बरामद किए गए हैं। स्पेशल सेल ने झज्जर में इन बदमाशों पर पुलिस पर गोली चलाने का मामला दर्ज करवाया है। अंकित की गिरफ्तारी से दिल्ली, यूपी और हरियाणा के सरहदी इलाकों में लंबे समय से चल रही आपराधिक गतिविधियों पर विराम लग जाएगा।