" /> संपादक के नाम पत्र….बिना पार्किंग के खड़ी रहती गाड़ियां

संपादक के नाम पत्र….बिना पार्किंग के खड़ी रहती गाड़ियां

मैं `दोपहर का सामना’ के माध्यम से यह बताना चाहता हूं कि दिवा रेलवे स्टेशन के पश्चिम में लोकल ट्रेन कम चलने के बावजूद फेरीवाले के साथ ही साथ बाइक सहित कई गाड़ियां खड़ी रहती है ऐसा मालुम होता है कि रेलवे स्टेशन के बगल में पार्विंâग में बाइक खड़ी की गई है। रेलवे पुलिस से शिकायत भी कई बार की गई लेकिन पुलिस कोई कार्रवाही नहीं कर रही है। बाइक वाले गाड़ी खड़ी कर किसी भी काम के लिए या तो चले जाते है या तो ट्रेन पकड़ने के लिए आने पर वहीं बाइक खड़ी कर देते है और फिर रात को ट्रेन से आने पर बाइक लेकर घर जाते है। दिनभर रास्ते पर खड़ी बाइक से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। रेलवे पुलिस बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं ले रही है। हमारा अनुरोध है कि अवैध खड़ी की जा रही गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई हो जिससे लोगों को आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो।
-बिपिन कुमार पांडे, दिवा

मनपा पशुओं का दवाखाना अपने कब्जे में ले
मैं `दोपहर का सामना’ के माध्यम से मैं माननीय मनपा आयुक्त डॉ.विजय राठौड़ का ध्यान आकर्षित करना चाहते हूं कि लावारिस पड़े पशु अस्पताल को मनपा के कब्जे में लेकर मनपा द्वारा संचालित किया जाएं। मीरा-भायंदर में एक मात्र पशु चिकित्सा का केंद्र भायंदर-पश्चिम उत्तन रोड स्थित मुर्धा गांव में है। यह दवाखाना ठाणे परिषद के अधीन होने की वजह से लावारिस पड़ा हुआ है। १२जून १९८५ से मीरा-भायंदर नगर परिषद की स्थापना हुई, उसके बाद २८ फरवरी २००२ को मीरा-भायंदर महानगर पालिका बनी, इसके बाद से सभी सरकारी स्कूलों को मनपा के द्वारा संचालित किया जा रहा है लेकिन एक मात्र यह पशु चिकित्सा केंद्र ही मनपा के अधीनस्थ नहीं हुआ। कभी-कभार बाहर से इसका कलर कर दिया जाता है, बाकी यहां किसी भी प्रकार की गतिविधियां या पशु इलाज नहीं किया जाता है। मनपा आयुक्त से विनती है कि इसे मनपा के अधीन लिया जा जिससे स्थानीय पशुओं का इलाज कराया जा सके।
-रोहित सुवर्णा,समाजसेवी,भायंदर