" /> कोरोना नियंत्रण के लिए सभी मिलकर कार्य करें! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोरोना नियंत्रण के लिए सभी मिलकर कार्य करें! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोरोना संक्रमण और मृत्यु दर को कम करने के लिए हम सब को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। कोरोना के नियंत्रण के लिए जनप्रतिनिधि, सरकार व नागरिकों के बीच एक कड़ी के रूप में भूमिका अदा करें। ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया। पुणे विधान भवन सभागृह में राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता व उपमुख्यमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री अजीत पवार की प्रमुख उपस्थिति में पुणे जिले के कोरोना व्यवस्थापन व नियोजन के संबंध में बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले के मंत्री व जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए। इस बैठक में कामगार व राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री दिलीप वलसे-पाटील, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री दत्तात्रय भरणे, विधान परिषद उपसभापति नीलम गोर्‍हे, पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल व पिंपरी-चिंचवड की महापौर माई ढोरे, सांसद गिरीश बापट समेत कई मान्यवर उपस्थित थे।

पुणे विधान भवन सभागृह में कल राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता व उपमुख्यमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री अजीत पवार की प्रमुख उपस्थिति में पुणे जिले के कोरोना व्यवस्थापन व नियोजन के संबंध में बैठक हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका गठन किया जा रहा है। यह कोरोना के इलाज में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभाएगा। जिले में कोरोना का संक्रमण कितने दिनों में बढ़ रहा है, इसे रोकने लिए उपाय किए जाने चाहिए। सरकारी प्रणाली को प्रभावी बनाने की आवश्यकता है और स्वास्थ्य सुविधाओं को सक्षम करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि अभी भी कोरोना रोगियों के लिए कोई ठोस दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऐसी स्थितियों में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच समन्वय होना आवश्यक है। बढ़ते रोगी की दर और मृत्यु दर को कम करना एक चुनौती है, जिसमें जनप्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है। कोरोना की आपातकालीन स्थिति में नागरिकों के हित में निर्णय लेते हुए सरकार के पीछे मजबूती से खड़े हों। ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से किया।

टास्क फोर्स के कारण परिणाम
राज्य में वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन-९५ मास्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन क्षेत्रों में आपूर्ति की जा रही है। कोरोना प्रतिबंध के संबंध में मनपाओं को वित्तीय सहायता दी गई है और आगे भी यह जारी रहेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से १ सितंबर के बाद भी वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन ९५ मास्क की आपूर्ति करने का अनुरोध किया था। ऐसा कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने स्तर पर इस संबंध में अनुरोध करें ताकि राज्य को इसका फायदा मिले। कोरोना रोगियों की संख्या के आधार पर लॉकडाउन नियमों में ढील दी जा रही है। इसके साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

योजना में एकरूपता हो
जांच रिपोर्ट में सकारात्मक आने वाले रोगी अक्सर अस्पताल जाने से बचते हैं। इसलिए, समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की मौत हो जाती है। इसे रोकने के लिए निजी प्रयोगशालाओं को सकारात्मक रोगियों को पारस्परिक परीक्षण रिपोर्ट दिए बिना संबंधित मनपा प्रणाली को कोरोना रिपोर्ट प्रदान करना चाहिए ताकि मरीजों को समय पर बेड उपलब्ध हो सकें। पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़ शहर और पुणे जिले के ग्रामीण भागों के बीच सामंजस्य लाने के लिए सभी को एकसाथ मिलकर काम करना चाहिए। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
पुणे में रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। मनपा को इसमें पहल करनी चाहिए। पुणे, नासिक और संभाजीनगर मनपा में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए योजना और कार्यान्वयन के लिए मनपा को वित्तीय सहायता भी प्रदान करेंगे। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।

राज्य में कोरोना की पहली लहर का सामना करते हुए, सभी को सतर्क रहने और लापरवाह नहीं होने की आवश्यकता है। इसमें सार्वजनिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। नागरिकों के बीच मास्क के उपयोग, सामाजिक दूरी, स्वच्छता नियमों के पालन के बारे में मनपा को जागरूकता पैदा करनी चाहिए। प्रशासन को यह ध्यान रखना चाहिए कि नागरिकों को असुविधा न हो और रोगी इलाज से वंचित न रहें। उन्होंने कोरोना के रोकथाम व उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विकेंद्रीकरण का सुझाव दिया।

संस्थागत आइसोलेशन पर जोर
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुणे में स्थापित होने वाले जंबो अस्पताल का काम तेजी से किया जाना चाहिए। कंप्यूटर प्रणाली में बिस्तर प्रबंधन और अन्य आवश्यक आधुनिक जानकारी रखी जानी चाहिए। समय-समय पर वरिष्ठ प्रशासनिक निकाय द्वारा इसकी समीक्षा भी की जानी चाहिए। चूंकि स्लम क्षेत्र में छोटे घर हैं, इसलिए घर के आइसोलेशन के बजाय संस्थागत आइसोलेशन पर जोर दिया जाना चाहिए। ऑक्सीजन एंबुलेंस को तैयार रखा जाना चाहिए ताकि ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण मरीजों की मौत न हो। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री व जिला पालक मंत्री अजीत पवार ने कहा कि कोरोना स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुणे में प्रशासन के साथ साप्ताहिक बैठकें लेकर समीक्षा करता हूं। पुणे में अब तक लागू किए गए उपायों की भी जानकारी उन्होंने दी। भोर तालुका में भूस्खलन प्रभावित गांवों के पुनर्वास के लिए सरकार को एक विस्तृत प्रस्ताव पेश किया जाए। ऐसा निर्देश पवार ने दिए।