" /> किसानों की तरह डॉक्टर्स भी केंद्र से परेशान!

किसानों की तरह डॉक्टर्स भी केंद्र से परेशान!

 ऐसी निर्दयी सरकार है कि मानती ही नहीं
 मिक्सोपैथी के खिलाफ डॉक्टर भूख हड़ताल पर

जिस तरह से किसान केंद्र की नीतियों से परेशान हैं, वही हाल डॉक्टर्स का है। वे भी केंद्र से परेशान हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाल रखा है, उसी तरह यहां डॉक्टर्स ने केंद्र सरकार (आयुष मंत्रालय) की मिक्सोपैथी के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जिसमें संस्था से जुड़े देशभर के डॉक्टर शामिल हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मीरा-भायंदर के अध्यक्ष डॉ. विवेक द्विवेदी के नेतृत्व में राई गांव स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में चल रहे इस आंदोलन में डॉक्टर्स ने केंद्र द्वारा लागू की गई मिक्सोपैथी नीति का जमकर विरोध किया। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि सरकार की इस नीति से न सिर्फ एलोपैथ डॉक्टर्स में नाराजगी है, बल्कि इससे देशवासियों का भी नुकसान है क्योंकि कोई भी नागरिक नहीं चाहेगा कि उसका ऑपरेशन कोई अनाड़ी डॉक्टर करे। द्विवेदी ने कहा कि अयोग्य डॉक्टर्स को पीछे के रास्ते से मेडिकल क्षेत्र में भेजने की बड़ी साजिश है, जो केंद्र सरकार कर रही है। डॉ. राजीव अग्रवाल (आईएमए कोषाध्यक्ष-महाराष्ट्र) ने बताया कि उनका विरोध किसी भी पैथी को लेकर नहीं है। वे चाहते हैं कि ऑपरेशन का कार्य सिर्फ एलोपैथी के डॉक्टर्स को ही करने दिया जाए। डॉ. अग्रवाल ने सरकार की इस नीति को ‘खिचड़ी फिकेशन’ बताया और सरकार की नीतियों पर विरोध जताया। डॉ. राखी अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने अगर अपनी इस नीति में बदलाव नहीं किया, तो भविष्य में कोई भी छात्र मेडिकल क्षेत्र में जाना नहीं चाहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार आयुर्वेदिक डॉक्टर से सर्जरी कराना चाहती है, लेकिन ये कभी संभव नहीं है। यह ऐसी निर्दयी सरकार है कि मानती ही नहीं। अपनी मनमानी पर मनमानी करती जा रही है। सभी डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिसमें डॉ. विक्रांत देसाई, डॉ. अशोक शुक्ला, डॉ. नवनीत देसाई, डॉ. अमोल जाधव, डॉ. नीरज जिंदाल सहित अन्य डॉक्टर्स का समावेश है।