" /> दीदी के लिए आज बेस्ट है ‘बेस्ट’, लोकल है बंद

दीदी के लिए आज बेस्ट है ‘बेस्ट’, लोकल है बंद

हर साल रक्षाबंधन के दिन मुंबई की लोकल ट्रेनों में काफी भीड़ होती है क्योंकि बहनें इस दिन अपने भाइयों के घर राखी बांधने के लिए पहुंचती हैं। मगर इस साल के हालात कुछ अलग हैं। कोरोना के कारण लोकल नहीं चल रही हैं। टैक्सी-ऑटो का मिल पाना भी मुश्किल है। ऐसे में दीदी के लिए बेस्ट की बसें यातायात के लिए सबसे ‘बेस्ट’ साधन हैं।
बता दें कि काली-पीली टैक्सी भी केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए ही चल रही हैं। फिलहाल बेस्ट की बस ही आम यात्रियों के लिए चलाई जा रही है। ऐसे में आज दीदी के लिए बेस्ट ही ‘बेस्ट’ साबित होगी।
टैक्सी मिलने में होगी परेशानी
शनिवार से महाराष्ट्र में चार पहिया वाहनों में ड्राइवर के अलावा तीन सवारियों को यात्रा करने की छूट दी गई है। अब तक केवल दो यात्रियों को अनुमति थी। हालांकि ऑटो में अभी भी २ सवारी को अनुमति दी गई है। इस छूट के बावजूद ऑटो-टैक्सी की बड़ी परेशानी है ‘आवश्यक सेवाओं’ वाला टैग। महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी को अभी भी केवल अत्यावश्यक सेवाओं तक ही सीमित रखा गया है। इसके कारण सामान्य लोगों को ऑटो-टैक्सी सेवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं। आज रक्षाबंधन के दिन दीदी को कहीं ऑटो तो कहीं टैक्सी लेने में परेशानी हो सकती है।
बहन उतारेगी आरती, बीबी बांधेगी राखी
नालासोपारा के शिवा पाटिल रक्षाबंधन के दिन राखी बंधवाने मुंबई सेंट्रल स्थित ताड़देव अपनी बहन के घर परिवार के साथ पहुंचते थे। परंतु इस साल लोकल ट्रेन आम नागरिकों के लिए बंद होने के कारण उन्होंने अपनी बहन के घर न जाने का मन बनाया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण ५ महीने में आर्थिक कमर टूट गई है। उन्होंने बताया व्हॉट्सऐप पर वीडियो कॉल के जरिए बहन रक्षाबंधन की सारी प्रक्रिया पूरा करेगी और उसकी जगह पर मुझे मेरी बीवी राखी बंधेगी।
चल रही हैं ३,००० बसें
फिलहाल मुंबई के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बात करें तो केवल बेस्ट ही एक ऐसी सर्विस है जिसमें सामान्य लोग सवारी कर सकते हैं। मुंबई में अभी रोजाना ३,००० के करीब बसें चल रही हैं, इनमें लगभग १० लाख यात्री सफर कर रहे हैं। ये आंकड़ा फिलहाल मुंबई लोकल से कई गुण ज्यादा है। जिस मुंबई लोकल में रोजाना ७८-८० लाख यात्री सफर करते थे, वहां अब बमुश्किल १ लाख यात्री सफर कर रहे हैं, जबकि मुंबई लोकल से दस गुना ज्यादा यात्री बेस्ट की सेवाएं ले रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस से निवेदन
मुंबई टैक्सिमेन्स यूनियन के महासचिव ए.एल. क्वाड्रॉस ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि ये महीना त्योहारों का महीना है। फिलहाल काली-पीली टैक्सी अत्यावश्यक सेवाओं के लिए चलाने की परमिशन सरकार ने दी है। राक्षबंधन अत्यावश्यक सेवाओं में नहीं आता है। उम्मीद है कि राक्षबंधन के दिन आज ट्रैफिक पुलिस बहन-भाई के इस पवित्र बंधन के मौके पर कुछ ढिलाई बरतेगी ताकि लोगों को यहां-वहां जाने में परेशानी न हो सके।