" /> लॉकडाउन का असर, प्रदूषण बेअसर : हवा शुद्ध है!

लॉकडाउन का असर, प्रदूषण बेअसर : हवा शुद्ध है!

ठाणे शहर में लॉक डाउन का अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है, जबसे लॉक डाउन शुरू हुआ है तबसे वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लग गई है। कल कारखाने भी बंद ही हैं। इससे ठाणे शहर की हवा शुद्ध हो रही है। ठाणे मनपा सर्वे के अनुसार हवा में प्रदूषण की मात्रा में 50 प्रतिशत की कमी आई है।
बता दें कि ठाणे मनपा प्रदूषण विभाग ने हवा को लेकर एक सर्वे किया था। मनपा के सर्वे अनुसार तीन हात नाका व रेप्टकास ब्रेट एंड कंपनी इन दोनों जगहों पर बहनेवाली हवा में मौजूद प्रदूषण की मात्रा में 47 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में शामिल रेप्टाकोस ब्रेट एंड कंपनी के वागले एस्टेट, शास्त्री नगर में पिछले कुछ दिनों में वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और इसमें भी 47 प्रतिशत की कमी देखी गई। दोनों परिसर की हवाओं को मध्यम प्रदूषित हवा की श्रेणी में रखा गया है। इसी प्रकार कोपरी वार्ड कार्यालय, आवासीय क्षेत्र में 52 प्रतिशत वायु प्रदूषण पाया गया। शाहू मार्केट व नौपाडा परिसर जहां एक वाणिज्यिक क्षेत्र है वहां सबसे अधिक 56 प्रतिशत वायु प्रदूषण पाया गया है। स्थानीय स्तर पर ठाणे, कलवा जोधपुर, बालकुम, साकेत, शिवाजी चौक और सिडको रोड पर भी धूल का स्तर कम पाया गया है।
पीले वर्ग में ठाणे शहर की हवा
प्रदूषण विभाग के माध्यम से वायु गुणवत्ता को 4 वर्गो में वर्गीकृत किया जाता है। इनमें हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग शामिल है। हरे रंग को बहुत शुद्ध हवा के रूप में जाना जाता है जबकि पीले रंग को मध्यम व नारंगी और लाल रंग को अत्यधिक प्रदूषित वर्ग में वर्गीकृत किया जाता है। 19 अप्रैल के दिन ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में हवा पीले रंग यानी मध्यम प्रदूषित हवा के वर्ग में शामिल हो चुकी है, जबकि इससे पहले ठाणे शहर में वायु प्रदूषण की मात्रा लगभग 90 से 100 प्रतिशत थी, जो अब धीरे-धीरे कम हो रही है।