" /> मंडराती मौत!, वसई-विरार में ५६३ इमारतें जर्जर , रहते हैं लगभग १० हजार लोग

मंडराती मौत!, वसई-विरार में ५६३ इमारतें जर्जर , रहते हैं लगभग १० हजार लोग

वसई-विरार मनपा इलाके में ५६३ इमारतों को जर्जर घोषित किया हैं, इनमें से १८४ इमारत अतिजर्जर हैं। वसई-विरार मनपा ने इन ५६३ इमारतों को खाली करने का नोटिस जारी किया है।
वसई-विरार महानगरपालिका के  ९ प्रभाग हैं। इन प्रभागों में ५६३ इमारतों को जर्जर इमारत घोषित किया गया है, इनमे से १८४ बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। इन इमारतों में लगभग १० हजार लोग रहते हैं। मतलब साफ है कि इन १० हजार लोगों पर मौत मंडरा रही है। बरसात की शुरुआत हो चुकी है। ऐसी स्थिति में कोई हादसा हो जाए, इससे पहले इमारतों को खाली करने का नोटिस जारी की गई है। वसई-विरार मनपा के नए कमिश्नर डी. गंगाधरन ने अपना पद भार संभालते ही शहर का जायजा लिया। आयुक्त नालासफाई करनेवाले ठेकेदारों, जर्जर इमारत जैसी समस्याओं पर बहुत सख्त हैं।
आयुक्त खुद शहर में घूमकर इसकी निगरानी करते हैं। बरसात को देखते हुए मनपा कमिश्नर ने प्रभाग में सभी सहायक आयुक्त को जर्जर इमारत की लिस्ट बनाने का आदेश दिया है। वसई-विरार शहर में ५६३ इमारत की लिस्ट जारी करके इन इमारतों को जर्जर घोषित किया गया है। १८४ इमारत जो बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। हालांकि हर साल मनपा शहर का सर्वेक्षण करती है और खतरनाक और बेहद खतरनाकवाली इमारतों को नोटिस जारी करती हैं। आत्मवल्लभ की जर्जर इमारत में रहनेवाले राजेश देढ़िया ने बताया कि बिल्डिंग ट्रस्ट के नाम है। हमारे रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं हैं। जान हथेली पर लेकर रहने को मजबूर हैं। मनपा ने इन इमारतों में रहनेवाले अन्य नागरिकों को घर खाली करने का नोटिस दिया है, लेकिन वैकल्पिक आवास की कमी के चलते समस्याएं पैदा हो रही हैं। वसई-विरार मनपा एडिशन कमिश्नर रमेश मनाले ने बताया कि क्षेत्र की जर्जर इमारत को नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।