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लवगुरु!, कुकर्मों से किया नाम को कलंकित

शब्दकोष में धवल शब्द का अर्थ उजला, सफेद, निर्मल, स्वच्छ, धुला हुआ, रुपहला, सुंदर आदि होता है लेकिन ये जरूरी नहीं है कि किसी का नाम धवल हो तो उसके कर्म भी वैसे ही अच्छे हों। धवल त्रिवेदी नामक एक ऐसे ही कुकर्मी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में गिरफ्तार किया है। वैसे तो धवल त्रिवेदी पेशे से शिक्षक है लेकिन उसके कुकर्मों के कारण उसे धवल की बजाय कलंक कहना ही ज्यादा सटीक होगा। गुजरात की एक अदालत उसे उम्रकैद की सजा दे चुकी है लेकिन धवल को अपने कुकर्मों पर कोई पछतावा नहीं है बल्कि वह अपनी जीवनी लिखकर दुनिया को अपने बारे में बताना चाहता है। उसने अपनी जीवनी के शीर्षक ‘१० परफेक्ट विमिन इन माय लाइफ’ तय कर रखा है।

धवल त्रिवेदी नामक एक वांछित आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित बद्दी गांव से गिरफ्तार किया है। ५० वर्षीय धवल त्रिवेदी पेशे से शिक्षक था। वह लोगों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। इसी दौरान वह महिलाओं, युवतियों को प्रेमजाल में फांसकर अपनी हवस का शिकार बनाता था। उसकी हरकतों के कारण वह लवगुरु के उर्फ नाम से कुख्यात हो गया था। गुजरात की राजकोट पुलिस इस कुकर्मी लवगुरु की विगत दो वर्षों से तलाश कर रही थी। राजकोट पुलिस थाने में उसके खिलाफ पोक्सो कानून की धाराओं के तहत नाबालिग छात्राओं से रेप का मामला दर्ज है। उसने १६ साल की दो लड़कियों को अगवा करके उनका कई दिनों तक यौन शोषण किया था। उस मामले में गुजरात की अदालत उसे उम्रकैद की सजा भी सुना चुकी है लेकिन कुछ दिन जेल में गुजारने के बाद वह पैरोल पर छूटा और उसके बाद से फरार हो गया। वर्ष २०१८ से राजकोट पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
वैसे कुकर्मी लवगुरु धवल त्रिवेदी की गुनाहों की फेहरिस्त काफी लंबी है। धवल त्रिवेदी के बारे में बताया जाता है कि वो लड़कियों को ट्यूशन देने के बहाने उनका यौन शोषण किया करता था। धवल त्रिवेदी को सीरियल रेपिस्ट बताया जाता है। ‘अंग्रेजी मीडियम’ का टीचर बनकर उसने कई नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया। त्रिवेदी ने दो लव मैरेज भी किये थे। उसकी पहली शादी साल १९९६ में हुई पर कुछ महीने बाद पत्नी की मृत्यु हो गई। उसने फिर वर्ष १९९८ में शादी की और उसकी एक बेटी भी है, लेकिन साल २००२ में वह पत्नी से अलग हो गया। इसके बाद धवल त्रिवेदी ने आठ महिलाओं को किडनैप किया, जिसमें नाबालिग बच्चियां भी शामिल थीं।
राजकोट की दो छात्राओं को उसने उनके हॉस्टल से अगवा किया था। रेप की इस घटना के २ साल बाद धवल त्रिवेदी को साल २०१४ के जुलाई महीने में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस वक्त सीआईडी ने जो चार्जशीट फाइल की थी, उससे पता चला था कि यह एक सीरियल ऑफेन्डर है। इस केस में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली है। हालांकि वर्ष २०१८ में वह पैरोल पर बाहर आया और फरार होने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में कूद गया। राजकोट पुलिस उसकी तलाश कर रही थी जबकि उसने एक १८ वर्षीया युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसे घर से भगाकर ले गया। बताया जाता है कि वह युवती करीब डेढ़ साल बाद अपने घर वापस लौटी। वह धवल त्रिवेदी के पास ट्यूशन पढ़ने जाती थी और फिर एक दिन धवल उसे फुसलाकर अपने साथ ले गया। वापस आने के बाद उस युवती ने बताया था कि जब वो गर्भवती हो गई तब धवल ने उसे अबॉर्शन कराने की सलाह दी थी लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद धवल ने उसे छोड़ दिया।
१९७० में महाराष्‍ट्र में जन्‍मे धवल त्रिवेदी ने अंग्रेजी विषय में एमए की पढ़ाई गुजरात यूनिवर्सिटी अमदाबाद से की थी। उसके पिता दर्शनशास्त्र में प्राध्यापक थे जबकि खुद धवल आठ भाषाओं का जानकार है। वह भेष बदलने में भी माहिर है। इसलिए धवल पुलिस से बचने के लिए कई राज्यों में घूमता रहा और ठिकाना बदल-बदल कर वारदातों को अंजाम देता रहा है। मुंबई सीबीआई ने धवल त्रिवेदी के सिर पर ५ लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की अंतरराज्यीय सेल ने रविवार को उसे गिफ्तार किया है। अंतरराज्यीय सेल को सूचना मिली थी कि धवल इन दिनों हिमाचल प्रदेश में छुपा हुआ है। इसके तुरंत बाद अंतरराज्यीय सेल की एक टीम दिल्ली से रवाना हो गई। १२ सितंबर को टीम लोकेशन पर पहुंच गई। त्रिवेदी की तलाश के दौरान टीम को पता चला कि त्रिवेदी एक फैक्ट्री में गार्ड के रूप में काम करता है लेकिन जब पुलिस फैक्ट्री पहुंची तो पता चला कि दो दिन पहले उसने नौकरी छोड़ दी। हालांकि टीम ने हिम्मत नहीं हारी और उसे लगातार ढूंढती रही। आखिरकार टीम की मेहनत रंग लाई। धवल उनके हत्थे चढ़ ही गया। फिलहाल धवल त्रिवेदी अब पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है।