" /> योगीराज में लव जिहाद, पुलिस अवाक, कानपुर में 21 दिन में 12 मामलों से सरकार हैरान!

योगीराज में लव जिहाद, पुलिस अवाक, कानपुर में 21 दिन में 12 मामलों से सरकार हैरान!

 

 

पीएफआई, सिमी या देश के दुश्मन कर रहे लव लिहाद की फंडिंग -आईजी

 

यूपी का कानपुर शहर, जहां एक के बाद एक लव जिहाद के मामलों ने हड़कंप मचा रखा है। पुलिसिया कार्रवाई भी जारी है, लेकिन 21 दिनों के अंदर सामने आए लव-जिहाद के 12 मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। यही वजह है कि लव जिहाद की साजिश के पीछे की इस सच्चाई का खुलासा करना पुलिस के लिए भी चुनौती बन चुका है। सामान्य घरों के या छोटे मोटे धंधे से पेट पालने वाले मुस्लिम युवकों के पक्ष में शहर के बड़े-बड़े वकीलों के खड़े होने से पुलिस भी हैरान है। कानपुर में पाकिस्तान के नाम से वाई फाई कनेक्शन, दर्जन भर हिन्दू लड़कियों को मुसलमान युवकों द्वारा अपने जाल में फंसा कर लेकर भाग जाने के बाद हिन्दू संगठनों की भृकुटी तनी है। सबसे आश्चर्य की बात तो ये है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे फायरब्रांड हिंदूवादी लबादे वाले मुख्यमंत्री के कार्यकाल में एक के बाद एक करके दर्जन भर मामले आ गये। जानकारी के अनुसार पहला मामला 20 अगस्त को आया जब बर्रा थाने की शालनी यादव नाम की लड़की घर से किसी काम से निकली थी और लौट कर नहीं आयी। उसने एक मुस्लिम युवक के साथ वीडियो जारी कर कहा कि मैं अब नहीं आऊंगी। मैंने इस्लाम कुबूल कर लिया है। परिजन जब तक समझ पाते तब तक सब लुट चुका था।

दूसरा प्रकरण 24 अगस्त को गोविंदनगर थाना क्षेत्र से आया। जिसमें चार हिन्दू लड़कियां को बहला-फुसला कर मुसलमान युवकों के गायब कर दिया था। 27 अगस्त को कल्याणपुर थाना क्षेत्र से दो अन्य से हिन्दू लड़कियों को मुसलमान लड़कों के साथ जाने की बात आयी। अब तक लव जिहाद के मामले जिन थाना क्षेत्रों से आये उनमें बर्रा, गोविंदनगर, चकेरी, महाराजपुर और नौबस्ता शामिल है। एक खास बात यह निकल कर आयी है कि सभी मामलों में मुस्लिम युवकों ने हिन्दू नाम बता कर हिन्दू युवतियों पर घेरा डाला है। एक मामले में तो युवती की मां ने बताया कि उसकी लड़की की संपर्क में कोई रमन नाम का लड़का आया। एक दिन लड़की घर से गयी और नहीं लौटी तो परिवार परेशान होकर तलाश करने लगा। इसी बीच एक अफजल अंसारी नाम के युवक ने फोन करके बताया कि तुम्हारी बेटी हमारे पास है। हमने इससे निकाह कर लिया है। अब यह इस्लाम धर्म कुबूल चुकी है। उसके बाद तो उसके होश उड़ गये। वह पुलिस में गयी लेकिन अभी तक बेटी नहीं मिल पायी है।

एक अन्य मामले में लड़की को तब पता चला जब वह युवक के साथ भाग कर नोयडा चली गयी। वहां जब वह जान गयी कि वह मस्जिद में जाता है तो लड़की ने उसे टोका। तो उसने एक मौलाना के सामने लड़की को परोस दिया। उसने लड़की से कहा कि हम मुस्लिम हैं तुन्हें इस्लाम कुबूल करना पड़ेगा, नहीं तो ऐसे ही तुम्हारे साथ होता रहेगा। वह किसी तरह जान बच कर भागी और अपने घर कानपुर आकर पहुंची।
पुलिस में शिकायत किया। मुस्लिम युवक फिर से रो-धो कर उसे मना लिया।लड़की के अनुसार उसने कहा कि तुम चाहे जैसे रहो लेकिन मेरी जिंदगी से न जाओ नहीं तो मैं मर जाऊंगा। लड़की फिर उसके झांसे में आ गयी। इस बार उसने लड़की को अपने मित्रों के सामने परोसते हुए कहा कि यदि इस्लाम कुबूल करोगी तो हम साथ रखेंगे नहीं तो तुम्हारे साथ यही होगा। वह किसी तरह अपने घर भाग कर पहुंची। कुछ दिन बाद मुस्लिम लड़के ने इसे फिर फोन करने लगा। एक बार मिलने को जिद करने लगा। बहुत हो गया तो लड़की मिलने को तैयार हो गयी। इस बार वह अपने भाई और कुछ दोस्तों के साथ आया था। लड़की से बातचीत करते-करते चाकुओं से वार करने लगा। लड़की शोर मचा कर भागी। गिरने से उसके दो दांत टूट गये। लेकिन वह बच गयी। लड़का पकड़ा गया। पुलिस ने उसे जेल भेजा। लेकिन कचहरी में उसके पैरोकारों को देख कर पुलिस के होश गम हो गये। इस संदर्भ में आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने बताया कि इन युवकों की फंडिंग कहां से हो रही है यह जांच का विषय है। इन्हें पीएफआई, सिमी या दुश्मन देशों से फंड मिल रहा है इसको लेकर पुलिस गंभीर है। क्योंकि ये सब जिस हैसियत के हैं, उनका घर-बार और रहन-सहन जिस स्तर का है उससे ऐसा नहीं लगता कि यह इतने महंगे वकीलों को अपने पक्ष में खड़ा कर सकते हैं। ज्यादा तर मामले ऐसे ही मिले हैं जिनमें लड़कियां गरीब घरों की हैं। ये लड़के उनके ऊपर पैसा खर्च करते हैं। जिनके घर झोपड़ी में हैं वह भी बाइक से चलते हैं। आखिर यह सब कैसे हो रहा है यह जांच का विषय है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती व अखिलेश यादव ने अपने-अपने कार्यकाल में विधानसभा की कार्यवाही में लिखित उत्तर देते हुये उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सक्रियता की जानकारी दिया था। दोनों की सूची में कानपुर का नाम शामिल था।