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अभी तक ‘लकी’ बोट लापता!

गोराई के अरब सागर में जल समाधि ले चुकी ‘लकी स्टार’ बोट व २ मछुआरों का खबर लिखे जाने तक करीब २६ घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। भारतीय तटरक्षक दल समुद्र में सर्च ऑपरेशन में जुटा हुआ है, लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें काफी दिक्कतें आ रही हैं, ऐसी जानकारी गोराई पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नारकर ने दी। वहीं मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गई अन्य बोट भी किनारे की तरफ लौट रही हैं।
ज्ञात हो कि १ अगस्त शनिवार को गोराई की लकी स्टार बोट समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गई हुई थी। इस बोट को पॉली विक्टर मनोरकर चला रहे थे, बोट पर कुल १३ लोग थे। करीब ६० किलोमीटर समुद्र के अंदर इन्होंने ३ अगस्त तक मछली पकड़ने का काम किया। उसके बाद मौसम खराब होने की चेतावनी मौसम विभाग से मिलने पर मनोरकर अपनी लकी स्टार बोट लेकर किनारे की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान समुद्री तूफान में फंसकर उनकी बोट मंगलवार दोपहर को करीब १.३० बजे के आस-पास समुद्र में करीब १६ किलोमीटर अंदर डूब गई। संयोगवश उसी दौरान उत्तन की गॉड किंग बोट भी किनारे की तरफ लौट रही थी। इस बोट को मेलकॉम फर्नांडिस (नाखवा) चला रहे थे। इस बोट पर सवार फर्नांडिस की टीम ११ मछुआरों की जान बचाने में सफल हुई। लकी स्टार बोट के मंगेश राघु चोरगे (२५) व सतीश विट्ठल जगताप (२९) अभी तक लापता हैं। ऑल्सन गोंसाल्विस ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि खराब मौसम, तेज हवा होने के कारण लकी स्टार बोट के ११ मछुआरों को बचाने में उन्हें बहुत मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि हमारे गॉड किंग बोट पर भी १७ लोग सवार थे। हमें हमारी बोट को भी तूफान से बचाना था। २ मछुआरों को नहीं बचा पाने का दर्द भी गोंसाल्विस में साफ झलक रहा था जबकि ११ मछुआरों को बचा पाने की सफलता का श्रेय उन्होंने ईश्वर को दिया।
`देव संदेश’ बोट भी फंसी
उत्तन के नेस्तर एंथोनी मुनीस (५०) की ‘देव संदेश’ नामक बोट भी मंगलवार शाम को ३.३५ बजे के आसपास किनारे लौटते समय इंजन खराब हो जाने के कारण समुद्र में फंस गई थी। इसकी जानकारी मिलते ही उत्तन सागरी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक एसडी निकम ने इसकी सूचना भारतीय तटरक्षक दल को दी थी। मंगलवार शाम ६ बजे के करीब तटरक्षक दल ने बोट में लगे जीपीएस के माध्यम से उसकी लोकेशन खोज ली, लेकिन देव संदेश पर सवार १५ मछुआरे अपनी बोट छोड़कर आने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी बोट को भी किनारे लेकर चलें। तटरक्षक दल के जवान उनको समझाने का प्रयत्न कर रहे हैं, ऐसी जानकारी निकम ने दी ।
गॉड किंग के मछुआरे सम्मान के पात्र
उत्तन परिसर के गॉड किंग बोट के १७ जांबाज मछुआरों ने कठिन परिस्थितियों में अपने खुद के बोट की रक्षा करते हुए मंगलवार को गोराई के ११ मछुआरों की जान बचाई। यह मीरा-भाइंदर शहर के लिए बड़ी गौरव की बात है। मैं राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व मीरा-भाइंदर मनपा के महापौर ज्योत्स्ना हसनाले से इस साहसिक कार्य के लिए यथोचित पुरस्कार देकर सम्मानित करने का आग्रह करता हूं।
-प्रताप सरनाईक (शिवसेना विधायक)

सलामती के लिए प्रार्थना
हम उत्तनवासी लकी स्टार बोट के मिसिंग हुए दो मछुआरों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उत्तन के जिन साहसी मछुआरों ने गोराई के ११ मछुआरों की जान बचाई है। उन्हें हम सम्मान देकर पुरस्कृत करेंगे। उनके इस मानवीय व साहसी कार्य ने उत्तनवासियों का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
-शर्मिला बगाजी (स्थानीय शिवसेना नगरसेविका)