महाराष्ट्र हुआ तंबाकूमुक्त, नशेड़ी हुए कम, सर्वे में खुलासा

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का औचित्य साधकर महाराष्ट्र तंबाकूमुक्त करने की दिशा में हमें कार्य करना चाहिए। तंबाकू विरोधी अभियान हमेशा जारी रखना आवश्यक है, यह आह्वान स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने कल किया। यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान, मुंबई में `विश्व स्वास्थ्य संगठन’ एवं `सलाम मुंबई फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस राज्यस्तरीय समारोह’ का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री शिंदे के हाथों किया गया।
शिंदे ने बताया कि राष्ट्रीय असंक्रामक बीमारी कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम राज्य में वर्ष २०१७-१८ से चलाया जा रहा है और वर्ष २०१७ के गैट्स-२ (ग्लोबल डल्ट टू टोबॅको) सर्वेक्षण के अनुसार देश में महाराष्ट्र सबसे कम धूम्रपान करनेवाला राज्य है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि हिंदुस्थान में साधारणत: आठ से नौ लाख लोगों की तंबाकू के कारण मृत्यु होती है। तंबाकूजन्य पदार्थों के सेवन से हो रहे वैंâसर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नपुंसकत्व जैसी गंभीर बीमारियों को लेकर जनजागृति राज्य सरकार कर रही है और पान की दुकानों में तंबाकूजन्य पदार्थों के साथ अन्य खाद्य पदार्थ, शीतपेय, चॉकलेट एवं बिस्किट इन पदार्थों की बिक्री पर पाबंदी लगाई है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक राज्य में ३७४ तंबाकू मुक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है। ८०४ स्वास्थ्य संस्था एवं दो हजार ७५५ स्कूल तंबाकूमुक्त किए गए हैं। हम सभी के प्रयासों से इन आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है और राज्य तंबाकूमुक्त होगा, यह विश्वास शिंदे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अनूप यादव ने बताया कि अब तक मौखिक स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत २ करोड़ लोगों की जांच की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत में फेफड़ों का प्रतीक का अनावरण स्वास्थ्य मंत्री के हाथों किया गया। प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने जनजागृति पर रैली को झंडी दिखाकर रैली की शुरुआत की।