" /> गूगल क्लासरूम वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य यह गर्व की बात! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

गूगल क्लासरूम वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य यह गर्व की बात! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

कोरोना ने हमें कई चीजों से परिचित कराया है। हमारे जीवन में मास्क को अनिवार्य और घर में ताला लगा दिया है। हमें कल की दुनिया, कल की मीडिया, कल की शिक्षा वैâसी होगी, इससे भी अवगत करा दिया है। इस विश्वास के साथ एक कदम आगे बढ़ाते हुए, महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने आज उस सपने को प्रत्यक्ष रूप से साकार कर दिया है। ‘जी स्वीट एंड गूगल क्लासरूम’ के माध्यम से ऐसा कदम उठाकर महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है। इसका मुझे गर्व है। ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मुख्यमंत्री ने अभिनंदन किया। सभी छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ गूगल ने भागीदारी की है। इस कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा कल ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उक्त बातें कहीं।
इस साझेदारी से राज्य के २.३ करोड़ विद्यार्थी और शिक्षक एकीकृत शिक्षा कार्यक्रमों में प्रवेश कर सकेंगे। यह जी स्वीट फॉर एजुकेशन, गूगल क्लासरूम, गूगल मीट जैसे मुफ्त साधनों के साथ दूरस्थ शिक्षा की सुविधा को प्रदान करेगा।
वर्क प्रâॉम होम के लिए सहयोग करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उन शिक्षकों का अभिनंदन करता हूं जिन्होंने इस तकनीक का लाभ उठाया और इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह गूगल द्वारा संभव हुआ और भविष्य में वर्क प्रâॉम होम की अवधारणा को सफलतापूर्वक लागू करने में उपलब्ध तकनीक का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने गूगल क्लासरूम और गूगल सूट के माध्यम से शिक्षा दे रहे शिक्षकों व शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि गूगल के सहयोग से आधुनिक तकनीकी ज्ञान के माध्यम से राज्य के सभी भागों के छात्रों को शिक्षण प्रक्रिया सुलभ होने में मदद मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने की सराहना
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्कूली शिक्षा विभाग और गूगल के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और राज्य में अन्य छात्रों की शिक्षा इन कठिन समय के दौरान नहीं रुकनी चाहिए और सभी को पहले की तरह शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जी-सूट और शिक्षा के लिए राजकीय स्कूलों के लिए गूगल क्लास रूम कार्यक्रम, जो छात्रों के लाभ के लिए शुरू किया गया, वह छात्रों को लाभान्वित करेगा। गूगल कक्षा में छात्र घर बैठे सीख सकते हैं। प्रश्न पूछ सकते हैं और शंकाओं का समाधान कर सकते हैं। कोरोना संकट के दौरान पैदा हुई शिक्षा की समस्या को एक अवसर में बदलकर छात्र डिजिटल क्रांति का लाभ उठा सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। ऐसा पवार ने इस अवसर पर कहा।
शिक्षा में अग्रणी राज्य बनाना लक्ष्य
-वर्षा गायकवाड
‘हमारा लक्ष्य
ऑनलाइन संसाधनों, प्लेटफार्मों, बैंडविड्थ और प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करके महाराष्ट्र को शिक्षा में सबसे अधिक प्रगतिशील राज्य बनाना है, इंटरनेट की शक्ति का उपयोग करके जनता तक पहुंचना और शिक्षा में अंतर को पाटना है। यह बात शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कही। जी सूट जैसे एजुकेशन और गूगल क्लासरूम और उन सभी शिक्षकों को नि: शुल्क मंच प्रदान करने के लिए जो इस स्थिति को स्वीकार करके छात्रों को सिखाने में मदद कर रहे हैं, उन्हें गायकवाड ने धन्यवाद दिया। लगभग १.५ लाख शिक्षकों ने अब तक इस माध्यम का उपयोग करने के लिए पंजीकरण किया है।