पालघर क्यों कांपता है? विधानसभा में सवाल, पीएम को सीएम ने लिखा खत

पालघर जिले में बार-बार आ रहे भूकंप का मुद्दा विधानसभा में भी गूंजा। इस संदर्र्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया है। सरकार की ओर से विधान परिषद में पुनर्वसन मंत्री संजय भेगड़े ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईआईटी और राष्ट्रीय भौगोलिक संस्था द्वारा इस क्षेत्र का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने बीस लाख रुपए की निधि मंजूर की है। पालघर क्षेत्र में बार-बार आनेवाले भूकंप का मामला विधान परिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधायक आनंद ठाकुर ने उठाया था।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से पूछे गए सवाल के जवाब में मदद व पुनर्वसन मंत्री संजय भेगड़े ने कहा कि पालघर क्षेत्र में वर्ष २००७ से २०१९ के दरम्यान कुल २९ भूकंप के झटके आए हैं। यह बात प्रकाश में आने के बाद सरकार ने ६ स्थानों पर भूकंपमापन यंत्र लगाए गए हैं। इस क्षेत्र के लिए आपत्ति व्यवस्थापन निधि का भी प्रावधान किया गया है।

शैक्षणिक कर्ज पर ब्याज करो माफ
उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए कर्ज लेने वाले विद्यार्थियों से ब्याज न लेने की मांग शिवसेना ने की है। यह मांग शिवसेना की तरफ से विधायक सुनील प्रभु ने की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिक्षा पूरी होने के बाद बैंक ब्याज सहित पूरा कर्ज विद्यार्थियों से वसूल करते हैं। जिसके कारण विद्यार्थी सहित उसके परिवार के लोग बैंक के चंगुल में फंसे रहते हैं। कई बार शिक्षा पूरी होने के बाद भी नौकरी नहीं मिलती है। इस स्थिति में भी बैंक अपना ब्याज सहित कर्ज वसूल करता है। जिसके कारण परिवार की आर्थिक हालत खस्ता हो जाती है, इस परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए सरकार विद्यार्थियों द्वारा लिए गए शिक्षा कर्ज का ब्याज तत्काल माफ करे।
जर्जर पुलों को मिलेगा जीवनदान आईआईटी की सिफारिशों से होगा विकास
मुंबई के सभी जर्जर पुलों का निर्माण आईआईटी मुंबई के द्वारा विकसित की नई तकनीकी के आधार पर किया जाएगा। नई तकनीकी से इन पुलों का निर्माण तीन से छह महीने में हो जाएगा। यह जानकारी कल विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।
मुंबई मनपा के अंतर्गत कुल ३४४ पुलों में से ३०४ पुलों का ढांचागत सर्वेक्षण किया गया। मुंबई पूर्व व पश्चिम उपनगर में २२३ पुलों का फिर से स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया है, जबकि ८१ पुलों का फिर से स्ट्रक्चरल ऑडिट का काम प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएसएमटी पुल हादसे में दोषियों पर कार्रवाई की गई है। रेलवे लाइन के ऊपर बने ब्रिटिशकालीन पुलों का रेलवे प्रशासन ने आईआईटी मुंबई के मार्फत निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इस आशय की प्राथमिक रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट और आईआईटी मुंबई की जांच रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार मुंबई मनपा और रेलवे प्रशासन की ओर से पुलों की मरम्मत के लिए उपाय योजना की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई मनपा में नया पद ‘प्रमुख पुल निरीक्षक’ का बनाया किया गया है। मनपा के अधीन सभी पुलों का हर दो वर्ष में निरीक्षण कर रिपोर्ट देना, आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्यों का प्रस्ताव देना, साथ ही रेलवे और मनपा से सामंजस्य बनाने की जिम्मेदारी प्रमुख पुल निरीक्षक की होगी।