महाराष्ट्र के बजट का सार, मिलेगा घर-बार, रोजगार व उपचार

महाराष्ट्र का २०१९-२० का अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सबके लिए घर उपलब्ध कराने के साथ ही २० लाख लोगों को रोजगार देने की जानकारी दी। साथ ही राज्य में उपचार के लिए कोई गरीब अब लाचार नहीं होगा, ऐसा ‘संकल्प’ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ३८५ शहरों के लोगों को घर-बार उपलब्ध कराने के लिए २०१९-२० वर्ष के लिए ६ हजार ८९५ करो़ड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। २०१८ में देश में उपलब्ध कुल रोजगार में से करीब २५ प्रतिशत से अधिक लोगों को महाराष्ट्र में नौकरी मिली है। मुंबई में चार नए जेट्टी का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए २६ करोड़ तथा उपनगरीय लोकल जो मुंबई की ‘लाइफ लाइन’ है, इसमें सुधार के लिए एमयूटीपी योजना के तहत ५५ हजार करोड़ के कार्य शुरू होने की बात कही।

बीमारी कोई मांगकर नहीं लेता है लेकिन उपचार के लिए अब किसी को लाचार नहीं होना पड़ेगा, ऐसा स्पष्ट करते हुए राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कल अंतरिम बजट पेश करते हुए एलान किया कि राज्य में बीमार अब नहीं रहेगा लाचार, बीमारी का होगा अब मुफ्त उपचार। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्यमान भारत की संकल्पना रखी है, जिसके तहत प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना राज्य सरकार के महात्मा ज्योतिबा फुले जन स्वास्थ्य योजना के साथ-साथ चलाई जाएगी। केंद्र की इस योजना में राज्य का ४० प्रतिशत योगदान है और राज्य के कुल ८३ लाख ७२ हजार परिवार प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना से जुड़े हुए हैं। इसके तहत एक परिवार को सालाना पांच लाख रुपए तक का ९६६ प्रकार की बीमारी का इलाज किया जाता है। गरीबी रेखा के ऊपरवाले व एक लाख रुपए तक आमदनी जिस परिवार की है वह तथा आत्महत्याग्रस्त १४ जिलों के सफेद रंगवाले राशनकार्डधारी २ करोड़ २२ लाख परिवारों को उपचार के लिए स्वास्थ्य चिकित्सा का कवच दिया गया है।
वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा तथा वित्त राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने विधान परिषद में अंतरिम बजट प्रस्तुत किया। १९,७८४.३९ करोड़ राजस्व घाटे का बजट पेश करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य के बजट के आकार की तुलना में घाटा नियंत्रण में है। राज्य सरकार पर कुल कर्ज ४,७१,६४२ करोड़ रुपए है। सरकार आमदनी की तुलना में २५ प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है। इस वर्ष ७ वां वेतन आयोग देने के बाद राज्य के कर्ज का भार सिर्फ १४.८२ प्रतिशत है। २०१८-१९ में कुल ३,०१,३४२.८६ करोड़ के राजस्व प्राप्ति की उम्मीद जताई गई थी। एक माह अभी बाकी है और अब तक ३,०१,४५९.७४ करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
सरकार ने मुंबई में रेडियो क्लब, नरीमन पॉइंट, मोरा व एलिफेंटा में जेट्टी निर्माण की योजना बनाई है। जल यातायात को बढ़ावा देने के लिए वसई, भाइंदर, घोड़बंदर, मनोरी आदि स्थानों पर जेट्टी निर्माण का कार्य जारी है। हवाई अड्डों के विकास के लिए ६५ करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। ग्राम सड़क योजना के लिए दो हजार करोड़ रुपए का प्रावधान तो पुलिसवालों के मकान के लिए ३७५ करोड़ का प्रावधान किया गया है। महिला व बाल कल्याण विभाग की योजनाओं के लिए ४६५ करोड़ रुपए, एसटी डिपो के आधुनिकीकरण के लिए २७० करोड़ रुपए, स्मार्ट सिटी के लिए २ हजार ४०० करोड़ तथा ऊर्जा विभाग की मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने के लिए ६ हजार ३०६ करोड़ रुपए का प्रावधान अंतरिम बजट में रखा गया है।
‘मातोश्री’ ग्राम पंचायत निर्माण योजना
राज्य के २८ हजार ६ ग्राम पंचायतों में से करीब ४ हजार २५२ ग्राम पंचायतों के पास अपनी खुद की इमारत नहीं है। ऐसे ग्राम पंचायतों के कार्यालय का निर्माण करने के लिए मा. बालासाहेब ठाकरे स्मृति मातोश्री ग्राम पंचायत निर्माण योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत दो हजार से कम जनसंख्यावाले ग्राम पंचायतों को सरकार इमारत निर्माण के लिए ९० प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करानेवाली है। इसके लिए २०१९-२० वर्ष के लिए ७५ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मेट्रो का विकास
मुंबई सहित पुणे, नागपुर व अन्य शहरों में १४१.०६ किमी लंबी मेट्रो परियोजना को पूरा किया जा रहा है। मुंबई में एमएमआरडीए के माध्यम से २७६ किमी लंबी मेट्रो मार्ग को मंजूरी दी गई है। इसके चलते ठाणे, मीरा-भाइंदर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी तक मेट्रो का जाल पैâलनेवाला है। इसके अलावा नासिक में लाइट रेल ट्रांसपोर्ट के लिए शुरुआती सर्वेक्षण का काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना
ग्रामीण जनता का सड़क आवागमन सुगम है इसलिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ३० हजार किलोमीटर सड़क के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से २२ हजार ३६० किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इसमें से करीब ६ हजार ३४४ किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। २०१९-२० के लिए इस योजना के लिए २,१६४ करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
मिलेगा सातवां वेतन आयोग
राज्य के सरकारी कर्मचारियों सहित जिला परिषद तथा अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा निवृत्ति वेतनधारकों को १ जनवरी २०१६ से सातवें वेतन आयोग की सुविधा मिलनेवाली है। ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन १५ हजार ‘सी’ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन १८ हजार और न्यूनतम निवृत्ति वेतन ७,५०० रुपए तय किया गया है। ८० साल से अधिक उम्रवाले सेवानिवृत्ति धारकों को अब १० प्रतिशत की बजाय उम्र के हिसाब से १० से ५० प्रतिशत की वृद्धि मिलनेवाली है। २०१९-२० के वेतन व भत्ते के लिए जो प्रावधान किया गया है, उसमें सातवें वेतन आयोग की वृद्धिवाले खर्च का भी समावेश किया गया है।
विकास यात्रा को अखंडित रखनेवाला बजट- मुख्यमंत्री
स्वास्थ्य, महिला व बाल विकास, कृषि सिंचाई के क्षेत्रों सहित प्रधानमंत्री योजनाओं के लिए भरपूर प्रावधान करके राज्य की विकासयात्रा को अखंडित रखने का संकल्प अंतरिम बजट में किया गया है, ऐसी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार ने २०१९-२० के लिए अंतरिम बजट प्रस्तुत किया है। अगला बजट प्रस्तुत होने तक जरूरी खर्च का प्रावधान इसमें किया गया है।