" /> ‘महाराष्ट्र बनेगा नंबर वन!’-मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

‘महाराष्ट्र बनेगा नंबर वन!’-मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

दुनिया में सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं वाला राज्य बनाने का मुख्यमंत्री को विश्वास
मुख्यमंत्री ने धाराशिव में कोरोना परीक्षण केंद्र का किया ऑनलाइन उदघाटन

कोरोना वायरस के संकट ने पूरे विश्व को ग्रस लिया है। इस वायरस की जांच के लिए महाराष्ट्र में १३१ प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। राज्य की जनता को स्वास्थ्य की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी कोशिश है। इस कोशिश द्वारा महाराष्ट्र को न केवल देश में, बल्कि दुनिया में सबसे सर्वोत्तम और सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं वाला राज्य बनाने का सपना है, और यह मैं करके ही रहूंगा। ऐसा दृढ़ विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। धाराशिव स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय उपकेंद्र परिसर में बनाए गए धाराशिव कोविड-१९ जांच प्रयोगशाला का कल ऑनलाइन उदघाटन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उक्त बातें कही। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, धाराशिव जिला के पालकमंत्री शंकरराव गडाख, जिला परिषद की अध्यक्षा स्मिता कांबले, सांसद ओमप्रकाश राजेनिबांलकर, जिलाधिकारी दीपा मुधोल-मुंडे, विधायक कैलाश घाडगे-पाटील, विधायक ज्ञानराज चौगुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमोद येवले, जि.प. उपाध्यक्ष धनजंय सावंत, नगराध्यक्ष मकरंदराजे निबांलकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय कोलते, जिला शल्यचिकित्सक डॉ. राज गलांडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.वी. वडगावे, कोविड जिला नोडल अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी शिरीष यादव, निवासी उपजिलाधिकारी राजेंद्र खंदारे आदि सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस प्रयोगशाला के निर्माण के लिए सहयोग दिया है। कोविड जैसा संकट आता है और चला जाता है। केवल वे लोग जो अपने पैरों पर खड़े होकर आगे चलते हैं और जो संकट है, उसे मात देते हैं। पूरी दुनिया में यह संकट है। मुख्यमंत्री ने इस संकट को रोकने के लिए मजबूती से खड़े रहनेवाले सभी लोगों को मनपूर्वक धन्यवाद दिया और आगे कहा कि हम पूरे राज्य में जहां कहीं भी जरूरत है, वहां प्रयोगशाला शुरू कर रहे हैं। कोरोना यह पहला वायरस नहीं है, बल्कि इससे पहले एचआईवी और स्वाइन फ्लू सहित अन्य वायरस थे। कोरोना ने आंखें खोल दी हैं। कोरोना पर निरंतर अनुसंधान होना चाहिए, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस अवधि के बाद भी अनुसंधान के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक विभाग को जारी रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना ने हमें सिखाया है कि कैसे जीना है और सभी को अपने और अपने परिवार के सदस्यों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा हर जिले में टास्क फोर्स की नियुक्ति करने और हर गांव में कोरोना सतर्कता समितियों की नियुक्ति करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि विशेष करके आप कितनी भी प्रयोगशाला बनाएंगे, वह पर्याप्त नहीं होगी। इसलिए हमें जनता को अपने साथ लेकर नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और लगातार जनता को हाथ धोने, दो लोगों के बीच की दूरी को बनाए रखने और मास्क पहनने आदि विषयों को लेकर जनजागृति करनी होगी व प्रत्येक को आनेवाले दिनों में भी स्वयं अनुशासन का पालन करना चाहिए, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा कि इस दौरान कोरोना के रोगियों की संख्या बढ़ रही है, किसी को भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए और आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि हम तब तक कोरोना से नहीं जीत सकते जब तक कि हमारे हाथ में वैक्सीन (दवा) न हो। जनता को साथ लेकर हमें आगे जाना है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, पालक मंत्री शंकरराव गडाख, जिलाधिकारी दीपा मुधोल-मुंडे आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।