" /> मनपा की डबल हुई कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग!, रोजाना १४ हजार कोरोना संदिग्धों की तलाश

मनपा की डबल हुई कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग!, रोजाना १४ हजार कोरोना संदिग्धों की तलाश

कोरोना को नियंत्रित करने के लिए मनपा युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है। इसके तहत अब ‘क्लोज कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग’ अभियान की गति दोगुनी बढ़ा दी गई है। अब कोरोना संक्रमित मरीजों के कॉन्टैक्ट में आनेवाले १४ हजार कोरोना संदिग्धों की रोजाना तलाश कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। पहले रोजाना कोरोना मरीज के निकट संपर्क में आनेवाले ५ से ७ हजार लोगों को तलाशा जाता था। पिछले पांच दिन (१० से १४ सितंबर) तक पॉजिटिव मरीजों के करीब ६६ हजार ५५० निकट संपर्क की खोज की जा चुकी है।
मुंबई में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। १४ सितंबर तक कुल मरीज संख्या १७,१९४९ हो गई है। इस वजह से मनपा ने कोरोना की रोकथाम के लिए सावधानी व कार्यवाही की गति बढ़ा दी है। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने से संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है। इसे देखते हुए मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के निर्देशानुसार कोरोना पॉजिटिव मरीज के मिलने पर ज्यादा से ज्यादा निकट संपर्क की तलाश कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आनेवाले करीब १० से १५ लोगों की तलाश की जा रही है। इनमें लक्षणवालों की तत्काल जांच की जा रही है। जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें इलाज के लिए कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती किया जा रहा है। इसके बाद इन मरीजों के संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही है।
बेड की नहीं होगी कमी
जिन अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा है, ऐसे अस्पतालों को दोबारा कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार कोरोना मरीजों के कुल १५,९९२ में से १०,३८१ बेड पर मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि ५,६११ बेड रिक्त हैं। गंभीर और मोडरेट मरीजों के लिए रखे गए १२,९०५ डीसीएच/डीसीएचसी बेड में से ४,३०१ बेड रिक्त हैं, वहीं ८,६०४ बेड पर पीड़ितों का इलाज चल रहा है। ऑक्सीजन की सुविधावाले ७,८७६ बेड में से ५,०४८ बेड पर मरीज हैं जबकि २,८२८ बेड खाली हैं। अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकानी के अनुसार कोरोना मरींजों के लिए बेड की कमी नहीं होगी। मंगलवार शाम तक २०० और आईसीयू बेड मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे।
एक्टिव मरीज
मुंबई में सिर्फ ३०,२७१ एक्टिव मरीज हैं, इनमें बगैर लक्षणवाले २१,२०६, लक्षणवाले ७,८०३ और १,२६२ क्रिटीकल मरीजों का समावेश है।