" /> ड्रैगन की दादागीरी खत्म करेगा मारीच!

ड्रैगन की दादागीरी खत्म करेगा मारीच!

डीआरडीओ ने नेवी को दी स्वदेशी तारपीडो विध्वंसक प्रणाली
दक्षिण चीन सागर में अब लाल सेना की खैर नहीं
भारत की नौसेना की ताकत बढ़ी
चीनी तारपीडो का करेगा सफाया

लद्दाख और पूर्वोत्तर में घुसपैठ के साथ ड्रैगन इस समय पूरी तरह दादागीरी पर उतरा हुआ है। अब वह दक्षिण चीन सागर में अपनी पनडुब्बी बढ़ा रहा है। उसका इरादा इलाके पर कब्जा जमाने का है। मगर ड्रैगन की इस दादागीरी को भारत का ‘मारीच’ खत्म करेगा। भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मारीच का निर्माण किया गया है। हाल ही में इसे नौसेना में शामिल किया गया है।

मारीच एक स्वदेशी उन्नत तारपीडो विध्वंसक प्रणाली है। इसे अग्रिम मोर्चे के सभी युद्धपोतों से दागा जा सकता है। बता दें कि समुद्र में किसी भी पनडुब्बी का सबसे घातक हथियार तारपीडो ही है जिससे वह हमला करती है। भारतीय नौसेना द्वारा ये कहा गया कि यह मिसाइल सिसटम किसी भी तारपीडो हमले को विफल करने में नौसेना की मदद करेगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘मारीच’ प्रणाली हमलावर तारपीडो का पता लगाने, उसे भ्रमित करने और नष्ट करने में सक्षम है। नौसेना के अनुसार ‘निर्दिष्ट नौसैन्य मंच पर लगे इस प्रणाली के प्रतिरूप ने सभी प्रायोगिक मूल्यांकन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे और नौसैन्य स्टाफ मानदंड आवश्यकताओं के अनुरूप सभी विशेषता प्रदर्शनों पर यह खरी उतरी थी।’

नौसेना के अनुसार ‘मारीच’ को शामिल किया जाना स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में न सिर्फ नौसेना और डीआरडीओ के संयुक्त संकल्प का साक्ष्य है, बल्कि यह सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल तथा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने के देश के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम है।

नौसेना का कहना है कि रक्षा उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा इस विध्वंसक प्रणाली का उत्पादन किया जाएगा। अग्रिम पंक्ति के सभी युद्धपोतों से दागे जाने में सक्षम उन्नत तारपीडो विध्वंसक प्रणाली मारीच के लिए एक करार पर पहुंचने के साथ भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता में बड़ी मजबूती हासिल हुई है।