" /> मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया शादी का खर्च : नवविवाहित जोड़े ने तहसीलदार को सौंपा 51 हजार का चेक

मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया शादी का खर्च : नवविवाहित जोड़े ने तहसीलदार को सौंपा 51 हजार का चेक

वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण व प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से शादी समारोह का आयोजन किया जाना बेहद कठिन हो गया है। लॉकडाउन के कारण लगी तमाम बंदिशों की वजह से पहले से तय हुई शादियों की धार्मिक रस्मों को लोग परिवार के साथ ही घर में ही संपन्न कर शादी बंधन में बंधकर परिजनों से ही आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र स्थित बैजोले गांव में शादी की रस्मों को घर में पूरा करते हुए नवविवाहित जोड़े रवि व मृणाली पाटील ने विवाह खर्च से बचाई गई 51 हजार रुपए की राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में भिवंडी तहसीलदार शशिकांत गायकवाड को सौंपकर आदर्श स्थापित किया है। तहसीलदार ने नवविवाहित जोड़े रवि और मृणाली पाटील को शुभाशीष देते हुए कहा कि आपदा और संकट की इस घड़ी में लोगों द्वारा बढ़-चढ़कर मुख्यमंत्री राहत कोष में निधि का सहयोग किया जाना नितांत जरूरी है। उक्त मौके पर शिवसेना पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे, सोनाले ग्राम पंचायत सरपंच, विशु म्हात्रे, तानाजी मोरे सहित परिजन मौजूद थे।

दूल्हा-दुल्हन का संकल्प
नवविवाहित जोड़े पाटील दंपति ने बताया कि उन्होंने महामारी के इस संकट काल में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए मास्क लगाकर शादी की। उनकी शादी में पांच-छह लोग ही शामिल हुए। शादी समारोह न किए जाने से बची राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में देकर देश सेवा कार्य को अंजाम देकर हम गर्व महसूस कर रहे हैं।