" /> भायंदर में जारी है भाजपाई अंतर्कलह!

भायंदर में जारी है भाजपाई अंतर्कलह!

मीरा-भायंदर महानगरपालिका की विशेष डिजिटल महासभा मंगलवार को आयोजित की गई थी, जो कोरम के अभाव में रद्द कर दी गई। दरअसल इन दिनों मीरा-भायंदर के स्थानीय भाजपा में पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के हस्तक्षेप को लेकर अंतर्कलह चल रहा है। भाजपा के अधिकांश नगरसेवकों का यह मानना है कि वर्तमान में जब मेहता भाजपा के किसी भी संवैधानिक पद पर नहीं हैं, तो वे पार्टी या मनपा कार्यों में हस्तक्षेप क्यों करते हैं? वहीं मेहता `वी फॉर यू’ नामक संस्था के माध्यम से सामाजिक कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उनके इस कार्य से भी भाजपा की साख को क्षति पहुंच रही है। इस बात की नाराजगी भी भाजपा में दिखाई दे रही है, जिसकी परिणति भाजपा में गुटबाजी व अंतर्कलह के रूप में सामने आ रही है।
मनपा की प्रत्येक महासभा से पूर्व नरेंद्र मेहता के मार्गदर्शन में उनके सी रॉक होटल में महासभा के विषयों पर समीक्षा बैठक होती थी। इस बार भी ऐसी बैठक आयोजित की गई थी। भाजपा सूत्रों के अनुसार उस बैठक में करीब २७ से ३० नगरसेवक ही पहुंचे थे। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे के मार्गदर्शन में इसी तरह की समीक्षा बैठक महापौर कक्ष में बुलाई गई थी। इस बैठक में भी भाजपा के ३० से ३२ नगरसेवक ही उपस्थित हुए। भाजपा के इस अंदरूनी कलह व गुटबाजी को शांत करने के लिए भाजपा के मीरा-भायंदर प्रभारी व विधायक रविन्द्र चव्हाण ने मंगलवार को मनपा की विशेष महासभा से पूर्व भायंदर-पश्चिम के माहेश्वरी भवन हॉल में सभी भाजपा जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी लेकिन इस बैठक में भी आधे से कम जनप्रतिनिधि ही उपस्थित हुए तथा बिना किसी ठोस निर्णय के शोरगुल के बीच यह बैठक समाप्त हो गई।
भाजपा के अंतर्कलह का असर मंगलवार को मनपा की विशेष महासभा पर भी पड़ा। कोरम के अभाव में यह सभा रद्द कर दी गई। मीरा-भायंदर मनपा में कुल ९५ जनप्रतिनिधि हैं। जिसमें से महासभा चलाने के लिए ४८ जनप्रतिनिधियों का संख्याबल होना चाहिए जबकि इस विशेष महासभा में कुल २२ सदस्यों ने अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थित सदस्यों में सत्ताधारी भाजपा-४, शिवसेना-११ व कांग्रेस के-७ सदस्यों का समावेश था।