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मॉनसून से निपटने के लिए मेट्रो-3 तैयार

मेट्रो निर्माण साइट पर लगाए 428 पंप
की गई 15 इमर्जेंसी वाहनों की व्यवस्था

कोलाबा-बांद्रा-सिप्ज अंडरग्राउंड मेट्रो-3 का निर्माण मुंबई में काफी तेज गति से चल रहा है। यह काम मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसीएल) द्वारा किया जा रहा है। मनपा, एमएमआरडीए सहित अन्य संस्थानों की तरह मेट्रो-3 ने भी आपात स्थितियों के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। एमएमआरसीएल के अनुसार मुंबई मेट्रो-3 के लिए कुल 428 पंप और 15 आपातकालीन सेवा वाहनों की व्यवस्था की गई है। मेट्रो-3 की अंडर ग्राउंडिंग सहित बाकी काम जोरों पर चल रहा है। अब तक अंडरग्राउंडिंग का 83 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना के लिए कुल काम में से 56 फीसदी काम पूरा हो चुका है
मेट्रो-3 को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से कनेक्ट किया जा रहा है। इसके अलावा चर्चगेट, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन, महालक्ष्मी में मोनोरेल स्टेशन, मेट्रो-1 से मरोल, मेट्रो-6 से आरे को मेट्रो-3 से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, मेट्रो-3 हवाई अड्डे से भी जुड़ा होगा। मुंबई की जीवन रेखा मानी जानेवाली मुंबई लोकल ट्रेन से लगभग 75 लाख यात्रियों को प्रतिदिन यात्रा करनी पड़ती है। यह लंबा मेट्रो मार्ग उपनगरीय रेलवे में भीड़ को कम कर करेगा, जिससे लोगों को और राहत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक मुंबई मेट्रो-3 परियोजना पूरी तरह से चालू होने के बाद सड़कों पर वाहनों की संख्या 50 फीसदी काफी कम हो जाएगी। मुंबई मेट्रो-3 परियोजना लगभग 16 लाख रेल यात्रियों को वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा कराने में सक्षम रहेगी। यात्रा के समय ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी होगी। इसके अलावा पूरे मेट्रो लाइन पर 27 स्टेशन होंगे, जो यात्रियों को शहर भर में यात्रा करने के लिए सुविधाजनक बनाएंगे।