" /> मेट्रो की उड़ान!, १३ मंजिल के पार

मेट्रो की उड़ान!, १३ मंजिल के पार

मुंबई में अब तक आपने ऊंची-ऊंची रिहायशी इमारतें देखी होंगी। परंतु साल २०२२ में मुंबईकर तकनीकी की बदौलत मेट्रो की सबसे ऊंची उड़ान का आनंद ले पाएंगे। मुंबई में मेट्रो-६ का काम प्रगति पर है। अमूमन एक मंजिला इमारत ३ मीटर की होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो मुंबई में बन रही मेट्रो-६ (स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली) कॉरिडोर जमीन से ३८ मीटर ऊंची यानी १३ मंजिला इमारत से भी ऊंची होगी। जबसे मुंबईकरों को यह बात पता चली है, तबसे मुंबईकर इसे मेट्रो की ऊंची उड़ान की संज्ञा दे रहे हैं, जबकि मुंबई में बन रहे अन्य मेट्रो कॉरिडोर जमीनी सतह से लगभग १६ मीटर ऊंचे बन रहे हैं। मुंबई की सबसे ऊंची यह मेट्रो कॉरिडोर एलएसबी मार्ग, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड और मेट्रो-४ वडाला- कासरवड़वली मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर से होकर गुजरेगी। वर्तमान में मेट्रो-६ कॉरिडोर का १८ फीसदी काम पूरा हो चुका है।
मेट्रो पिलर का निर्माण
मेट्रो-६ कॉरिडोर के अंतर्गत कुल ७७८ पिलर का निर्माण होना है। अब तक ९८ पिलर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ५८ पिलर के आधे से ज्यादा ऊंचाई तक पिलर खड़े हो गए हैं। वहीं ६२२ पिलर का काम अभी होना बाकी है।
सबसे ऊंचाई पर होंगे दो मेट्रो स्टेशन
मेट्रो-६ और मेट्रो-४ दोनों मेट्रो कॉरिडोर जमीनी सतह से लगभग २० मीटर ऊंचा होगा। इतना ही नहीं, मेट्रो-६ कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन कांजुरमार्ग मेट्रो स्टेशन होगा, जबकि मेट्रो-४ का गांधीनगर स्टेशन होगा। मुंबई के सबसे ऊंचे मेट्रो कॉरिडोर से सफर करने के बाद यात्रियों के स्टेशन परिसर से निकलने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा होगी। इस तरह की सुविधा बंगलोर मेट्रो में उपलब्ध है।
स्टेशन फाउंडेशन-पायलिंग वर्क
मेट्रो-६ स्टेशन के फाउंडेशन-पायलिंग वर्क का काम अब तक ४८ फीसदी पूरा हो चुका है। इनमें स्वामी समर्थ स्टेशन, महाकाली केव्स स्टेशन, सिप्ज विलेज स्टेशन का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि श्याम नगर स्टेशन ४८ फीसदी, जेवीएलआर स्टेशन २५ फीसदी, विक्रोली स्टेशन (ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे) का ६० फीसदी फाउंडेशन और पायलिंग वर्क पूरा हो चुका है।
मिट्टी नमूनों की जांच
मेट्रो-६ कॉरिडोर के अंतर्गत आनेवाले सभी १३ मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं २७ जुलाई,२०२० तक मेट्रो -६ के पिलर से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी के नमूनों की जांच ८३.२८ प्रतिशत पूरी हो गई थी। पायलिंग वर्क ३८.४८ फीसदी, पाइल कैप वर्क २२.५५ फीसदी और वहीं पियर वर्क ११.६० फीसदी पूरे हो चुके हैं, जबकि यूटिलिटी वर्क ५७.९० फीसदी पूरे हो चुके हैं।
ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी
एमएमआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून के बाद मेट्रो-६ के कंजुरमार्ग स्टेशन के काम को गति मिलेगी। मेट्रो-४ के निर्माण से जहां पड़ोसी शहर ठाणे को कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं मेट्रो-६ मुंबई के ईस्ट और वेस्ट इलाकों को जोड़ने में मददगार साबित होगा।
दो स्टेशनों के बीच १०० मीटर की दूरी
मेट्रो-४ और मेट्रो-६ इन दोनों कॉरिडोर के स्टेशन एक दूसरे से कनेक्ट करने के लिए इन्हें फुट ओवर ब्रिज से भी जोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि दोनों मेट्रो के स्टेशन लगभग १०० मीटर के अंतराल पर तैयार हो रहे हैं।
विशेषज्ञ की राय
ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट जितेंद्र गुप्ता का कहना है कि मेट्रो के आ जाने से मुंबईकरों को बहुत ही राहत होगी। ये बहुत ही अच्छा प्रस्ताव है। अंग्रेजों ने हमें गाड़ी दी, ट्रेन दी है मेट्रो का परियोजना हमारे लिए वरदान साबित होगी। ट्रैफिक की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी लेकिन सवाल यह भी है कि भविष्य में और भी बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। उस हिसाब से इंप्रâास्ट्रक्चर खड़ा किया जाना चाहिए। गुप्ता का यह भी कहना है कि भविष्य में लोकल ट्रेनों की तरह ही मेट्रो के कोच भी बढ़ाने की जरूरत महसूस होगी, ऐसे में उसी हिसाब से मेट्रो स्टेशन तैयार किए जाने चाहिए।
मेट्रो-६ योजना
मेट्रो-६ कॉरिडोर की लंबाई १४.४७ किमी है। यह कॉरिडोर लोखंडवाला-जोगेश्वरी-कांजुरमार्ग से होते हुए विक्रोली तक जाएगा। मेट्रो-६ के कुल १३ स्टेशन होंगे। इस योजना की कुल लागत ६,६७२ करोड़ रुपए है।
मेट्रो-४
मेट्रो-४ कॉरिडोर की लंबाई ३२ किमी है। यह कॉरिडोर वडाला-घाटकोपर-ठाणे से होते हुए कासरवड़वली तक जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत १४,५४९ करोड़ रुपए है।