मेट्रो की उड़ान! १३ मंजिल के पार

मुंबई में अब तक आप ने ऊंची-ऊंची रिहायशी इमारतें देखी होंगी परंतु अब आप आनेवाले समय में तकनीकी की बदौलत मेट्रो की ऊंची उड़ान का आनंद भी पा सकेंगे। अमूमन एक मंजिल लगभग ३ मीटर की होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो मुंबई में बन रही मेट्रो-६ (स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली) कॉरिडोर जमीन से ३८ मीटर ऊंची यानी १३ मंजिला इमारत से भी ऊंची होगी। जब से मुंबईकरों को यह बात पता चली है तब से मुंबईकर इसे मेट्रो की ऊंची उड़ान की संज्ञा दे रहे हैं। जबकि मुंबई में बन रहे अन्य मेट्रो कॉरिडोर जमीनी सतह से लगभग १६ मीटर ऊंचे बन रहे हैं। मुंबई की सबसे ऊंची यह मेट्रो कॉरिडोर एलएसबी मार्ग, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड और मेट्रो-४ वडाला-कासरवडवली मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर से होकर गुजरेगी।
बता दें कि ये दोनों मेट्रो कॉरिडोर जमीनी सतह से लगभग २० मीटर ऊंचा होगा। इतना ही नहीं मेट्रो-६ कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन कांजुरमार्ग मेट्रो स्टेशन होगा जबकि मेट्रो-४ का गांधीनगर स्टेशन होगा। मुंबई के सबसे ऊंचे मेट्रो कॉरिडोर से सफर करने के बाद यात्रियों के स्टेशन परिसर से निकलने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा होगी। इस तरह की सुविधा बंगलुरु मेट्रो में उपलब्ध है।
एमएमआरडीए के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मेट्रो-६ कॉरिडोर के अंतर्गत आनेवाले सभी १३ मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं २१ मई २०१९ तक मेट्रो-६ के पिलर से जुड़े कार्यों और अन्य निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी के नमूनों की जांच ३९.४ प्रतिशत पूरी हो गई थी। इसी तरह मेट्रो-६ के निर्माण के लिए उपयोग में आनेवाले काम २५.२ प्रतिशत पूरे हो चुके थे, वहीं इस योजना से जुड़े पिलर की खुदाई का काम ७.८ प्रतिशत पूरा हो चुका है। एमएमआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून के बाद मेट्रो-६ के कांजुरमार्ग स्टेशन के काम को गति मिलेगी। मेट्रो-४ के निर्माण से जहां पड़ोसी शहर ठाणे को कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं मेट्रो-६ मुंबई के ईस्ट और वेस्ट इलाकों को जोड़ने में मददगार साबित होगा। मेट्रो-४ और मेट्रो-६ इन दोनों कॉरिडोर के स्टेशन होने के साथ ही यात्रियों के आवागमन के लिए इन्हें फुटओवर ब्रिज से भी जोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि दोनों मेट्रो के स्टेशन लगभग १०० मीटर के अंतराल पर तैयार हो रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट जितेंद्र गुप्ता का कहना है कि मेट्रो के आ जाने से मुंबईकरों को बहुत ही राहत मिलेगी। ये बहुत ही अच्छा प्रस्ताव है। अंग्रेजों ने हमें गाड़ी दी, ट्रेन दी है। अब मेट्रो परियोजना हमारे लिए वरदान साबित होगी। ट्रैफिक की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी लेकिन भविष्य में और भी बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। उस हिसाब से इंप्रâास्ट्रक्चर खड़ा किया जाना चाहिए। गुप्ता का यह भी कहना है कि भविष्य में लोकल ट्रेनों की तरह ही मेट्रो के कोच भी बढ़ाने की जरूरत महसूस होगी, ऐसे में उसी हिसाब से मेट्रो स्टेशन तैयार किए जाने चाहिए।
मेट्रो-६ योजना
मेट्रो-६ कॉरिडोर की लंबाई १४.४७ किमी है। यह कॉरिडोर लोखंडवाला-जोगेश्वरी-कांजुरमार्ग से होते हुए विक्रोली तक जाएगा। मेट्रो-६ के कुल १३ स्टेशन होंगे। इस योजना की कुल लागत ६,६७२ करोड़ रुपए है।
मेट्रो-४
मेट्रो-४ कॉरिडोर की लंबाई ३२ किमी है। यह कॉरिडोर वडाला-घाटकोपर-ठाणे से होते हुए कासरवडवली तक जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत १४,५४९ करोड़ रुपए है। माना जा रहा है कि मेट्रो-४ कॉरिडोर साल २०२० तक यात्री सेवा में शामिल कर दिया जाएगा।