" /> ट्रकों में छुपकर जा रहे थे गांव : 160 प्रवासी मजदूर धराए

ट्रकों में छुपकर जा रहे थे गांव : 160 प्रवासी मजदूर धराए

कोरोना संकट से प्रवासी मजदूर घबरा गए हैं। लॉक डाउन में रोजी-रोटी छिनने के बाद भूखमरी और बीमारी का खौफ उन्हें गांव भागने को प्रेरित कर रहा है।यही वजह है कि राज्य सरकार के तमाम इंतजामों एवं आश्वासनों के बावजूद महाराष्ट्र सहित मुंबई में फंसे लाखों प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। कई लोग साइकिल पर, पैदल या अन्य साधनों (वाहनों) से लोग चोरी छीपे अपने गांव भागने का प्रयास कर रहे हैं। इसका उदाहरण कल मुंबई के आरएके मार्ग पुलिस की हद में देखने को मिला, जहां पुलिस ने 160 प्रवासी मजदूरों को पकड़ा है, जो कि 3 ट्रकों में छिपकर यूपी स्थित अपने गांव जाने का प्रयास कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने ट्रकों के ड्राइवर और खलासियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है उनके नाम तबरेज सुलेमान (25), मोहम्मद वसीम मो. हुसेन चौधरी (50), धर्मेंद्र कुमार छोटेलाल हरिजन (32), और क्लिनर सैफूद्दीन इस्माईल खान (25) है।

बता दें कि एक के पीछे एक कतार में चल रहे तीन ट्रक को देखकर ठाणे के ज्ञानेश्वर नगर जंक्शन नाकाबंदी कर रहे पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर और खलासी से पूछताछ की तो वे सभी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए, जिसके बाद ट्रकों की तलाशी ली गई। तलाशी लेने के दौरान इसमें छुपे कुल 160 लोग सामने आए। ये सभी प्रवासी मजदूर थे, जो मुंबई में काम करते थे और लॉकडाउन के चलते चोरी से अपने गांव जा रहे थे। इसके बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया। इन सभी पर लॉकडाउन नियम को तोड़ने और बिना परमिशन के यात्रा करने के कारण आर ए के मार्ग पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि, इन मजूदरों को यूपी पहुंचाने के नाम पर सभी से 4-4 हजार रुपये लिए गए थे। अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुट गई है।
गौरतलब हो कि इसके पहले भी आरएके मार्ग पुलिस ने ठीक इसी तरह के मामले में 40 लोगों को पकड़ा था। ये सभी चोरी से अपने गांव जा रहे थे। आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन मुंबई से बाहर जानेवाले मुख्य रास्ते पर ही स्थित है जहां हमेशा नाकाबंदी लगी रहती है। इसीलिए पिछले कुछ दिनों से यहां आए दिन लोग पकड़े जा रहे हैं।