" /> ट्रक-टैंपो में जानवरों की तरह ठूंसे जा रहे गांव के लोग!

ट्रक-टैंपो में जानवरों की तरह ठूंसे जा रहे गांव के लोग!

उत्तर प्रदेश व बिहार के लिए जानेवाले लोग ट्रक व टैंपो में ठूंसे जा रहे हैं, जिसका प्रत्यक्ष नजारा घाटकोपर-पूर्व स्थित विक्रोली ट्रैफिक पुलिस चौकी के सामने देखने को मिल रहा है जबकि उसी रास्ते हजारों लोग पैदल भी अपने अपने मूलगांव जाते देखे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि कोविड-19 कोरोना की महामारी के चलते मार्च महीने के दूसरे सप्ताह से ही पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है। मुंबई में लॉक डाउन के चलते हर वर्ग के लोग परेशान व हैरान हैं। मुलुक जाने के ऐन वक्त पर शुरू हुए लॉक डाउन के चलते सबसे अधिक उत्तर हिंदुस्थानी परेशान हैं। लॉक डाउन-1 के बाद दूसरा व अब तीसरा लॉक डाउन शुरू है। करीब 50 दिनों से गांव जाने के इंतजार में बैठे उत्तर भारतीय लोग अब अपना सब्र खो चुके हैं। रेलवे और बस के इंतजार के बाद लोग अब साइकिल, रिक्शा, टैक्सी के अलावा पैदल ही अपने-अपने गांव का रुख कर रहे हैं। इतना ही नहीं अब तो लोग 40-50 का ग्रुप बनाकर ट्रक टैंपो में भी गांव जाते दिखाई दे रहे हैं। कल घाटकोपर-पूर्व पंतनगर पुलिस की हद स्थित पूर्वी द्रुतगति महामार्ग के विक्रोली ट्रैफिक पुलिस चौकी के सामने खड़े होकर जब जायजा लिया गया तो दिखाई दिया कि हजारों की संख्या में लोग पैदल ही गांव के लिए जाते दिखाई दे रहे थे। सचिन यादव नामक एक परिवार से जब बात की गई तो उसने बताया कि मैं, मेरी पत्नी, तीन बच्चे सभी उत्तर प्रदेश के गोंडा के लिए पैदल ही जा रहे हैं। अनिल गौड़ नामक दूसरे एक मोटरसाइकिल सवार युवक से बात करने पर उसने बताया कि कड़िया बेगारी का काम करता था। पिछले दो माह से बैठकर खा रहा था। अब खर्च के भी पैसे खत्म हो गए हैं इसलिए एक युवक को साथ लेकर बाइक से ही गोरखपुर जा रहे हैं। इसी तरह अन्य लोग भी अब पैदल ट्रक-टैंपो या अन्य साधन से गांव की तरफ निकल चुके हैं।