मीरा-भाइंदर में सूखे का साया! टैंकर के सहारे शहरवाले

मीरा-भाइंदर शहर भी सूखे के साए में जी रहा है। यहां हर सप्ताह ३० घंटे की पानी बंदी के कारण सोसायटियों में तीन दिन में पानी आ रहा है। इस समस्या के कारण शहरवाले टैंकर के सहारे जी रहे हैं जबकि प्रशासन की सारी योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं।
ज्ञात हो कि मनपा चुनाव में नेताओं ने शहर की जनता से २र्४ें७ घंटे जलापूर्ति के साथ ही और भी बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन चुनाव के बाद ये वादे अब दम तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। मीरा-भाइंदरवासी पानी की भारी समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले १० वर्षों में मीरा-भाइंदर की आबादी बढ़ते हुए अब १३ लाख के पार हो गई है। शहर में स्टेम प्राधिकरण से ८६ एमएलडी पानी और एमआईडीसी से ९० एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन जनवरी महीने से पानी की लगातार कटौती हो रही है। आलम यह है कि पूरा शहर जल संकट से जूझ रहा है।
गौरतलब है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने २४ अक्टूबर २०१५ को मीरा रोड-पूर्व में मनपा के कार्यक्रम में ७५ एमएलडी पानी आपूर्ति को हरी झंडी दी थी। मुख्यमंत्री ने २१८ एमएलडी पानी आपूर्ति के लिए सूर्या प्रकल्प जलापूर्ति योजना का शिलान्यास भी किया था साथ ही आनेवाले दिनों में मीरा-भाइंदरवासियों को ७ दिन २४ घंटे पानी देने का वादा किया था। इसी घोषणाओं के बल पर प्रशासन ने नए निर्माणों को बंद किए गए नल कनेक्शन के नियम को हटा दिया और धड़ल्ले से शहर में नए नल कनेक्शन जारी किए। इससे शहर को अतिरिक्त पानी तो नहीं मिला पर जितना पानी तालाबों से मिल रहा था उसमें भी सेंध लग गई। अब हालात ये हैं कि मीरा-भाइंदर में २४ घंटे की जगह सप्ताह में ३० घंटे (गुरुवार की मध्यरात्रि से शनिवार की सुबह तक) पानी आपूर्ति बंद रहती है, वहीं अगले दो दिन ४८ घंटे पानी कम दबाव से पानी आपूर्ति होती है, जिससे कई इलाकों में ७२ घंटे बाद ही पानी सही तरीके से आता है। इस जल संकट से निपटने के लिए लोगों को टैंकर का सहारा लेना पड़ता है। इस बारे में मनपा जल आपूर्ति विभाग के अधिकारी सुरेश वाकोड़े ने बताया कि हमें स्टेम प्राधिकरण से ४० एमएलडी तो एमआईडीसी से ९० एमएलडी पानी ही मिल रहा है, जिसके कारण पानी की कटौती की जा रही है और जब तक बारिश पूरी तरह नहीं होती, तब तक पानी कटौती जारी रहेगी।