" /> उपनगर में कोरोना मरीजों के बेड की समस्या हुई हल, एमएमआरसीएल ने सौंपा १,१०५ बेड का अस्पताल

उपनगर में कोरोना मरीजों के बेड की समस्या हुई हल, एमएमआरसीएल ने सौंपा १,१०५ बेड का अस्पताल

मुंबई में जमीन के नीचे मेट्रो मार्ग तैयार करनेवाली मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने जमीन के ऊपर अस्पताल बनाने का काम पूरा कर लिया है। उपनगर में बने १,१०५ बेड के दो अस्पताल को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए बीएमसी को सौंप दिया गया। १,१०५ बेड का अस्पताल मिल जाने के बाद उपनगर के अस्पतालों का बोझ कम होगा। मुंबई में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए एमएमआरसीएल ने दहिसर और बोरीवली में अस्पताल तैयार किए हैं। दहिसर चेक नाका के करीब ९९५ बेड का अस्पताल तैयार किया गया है। ९९५ बेड में से ६१५ बेड के साथ ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध होगी। बोरीवली के केंद्रापाड़ा बस स्टॉप के करीब ११० बेड का अस्पताल तैयार किया गया है। इस अस्पताल में आईसीयू के साथ ही मरीजों के लिए डायलिसिस की भी सुविधा उपलब्ध होगी। ११० बेड में से ३३ बेड के साथ आईसीयू की व्यवस्था की गई है।

एमएमआरसीएल ने कोरोना के क्रिटिकल और नॉन क्रिटिकल मरीजों को ध्यान में रखते हुए दो अलग- अलग अस्पताल तैयार कर रही है।
मुंबई में कोरोना पीड़ितों की संख्या ८५ हजार को पार कर गई है। वहीं करीब ४,९३५ मरीजों की मौत हो चुकी है। रोजाना करीब १,००० कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में मुंबई के उपनगर में रहनेवाले मरीज हैं। १,१०५ बेड के इस अस्पताल के बन जाने के बाद बेड की कमी से जूझ रहे अस्पतालों को कुछ राहत मिलेगी। बीएमसी को अस्पताल सौंप देने के बाद प्रशासन द्वारा डॉक्टर और कर्मचारियों की व्यवस्था कर जल्द ही इन दो अस्पतालों में मरीजों का उपचार शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए एमएमआरडीए पहले ही बीकेसी में दो ओपन अस्पताल तैयार कर चुका है। एक अस्पताल में कोरोना के नॉन क्रिटिकल मरीजों के लिए १,००८ बेड की व्यवस्था की गई है, क्रिटिकल मरीजों के लिए १००० बेड का दूसरा अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल के १०० में आईसीयू की भी व्यवस्था की गई है।