फिर चलेगी जुगाड़ की मोनो! एमएमआरडीए खरीदेगी कलपुर्जे

बारिश की बदौलत हाल ही में मोनो के यात्री संख्या में हुई वृद्धि से घाटे में चल रही मोनो के फिर से पटरी पर आने की संभावना बढ़ गई है। मोनो रेल सुचारु रूप से चले, तकनीकी समस्या आने से समय पर समाधान निकले, इसे देखते हुए फिर से एमएमआरडीए कलपुर्जे खरीदकर ‘जुगाड़’ की मोनो चलाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मोनो के कुल १० रेक हैं, जिनमें से ६ रेक यात्री सेवा में चल रहे हैं। बाकी बचे ४ रेक दुरुस्त नहीं हैं। इनमें से एक रेक सालभर पहले मैसूर कॉलोनी स्टेशन पर जलकर खाक हो गया था। तब से ६ रेक पर मोनो का दारोमदार है। हाल ही में मोनो के बेड़े में शामिल कुछ रेक के कलपुर्जे बदले गए थे, वहीं कलपुर्जों के अभाव में कुछ रेक यार्ड में धुल फांक रहे थे। कलपुर्जे आने के बाद इन्हें दुरुस्त कर यात्री सेवा में शामिल किया गया था। मोनो रेल प्रशासन की मानें तो जब से वडाला से सात रास्ता मोनो रेल का दूसरा चरण शुरू हुआ है तब से यात्री संख्या और परिचालन में दबाव बढ़ा है। रेक की पर्याप्त संख्या न होने से फिलहाल २० से २५ मिनट के अंतराल पर मोनो का परिचालन हो रहा है। यात्री संख्या बढ़ने के बावजूद मोनो की कार्यक्षमता नहीं बढ़ी है, ऐसे में मोनो रेल प्रशासन को नए रेक की जरूरत है। जब तक मोनो के नए रेक नहीं आ जाते, तब तक इन्हीं रेक की बदौलत मोनो रेल सेवाओं का परिचालन होगा। मोनो रेक की समय पर दुरुस्ती हो, इसे ध्यान में रखते हुए मोनो के कलपुर्जे मंगाने की प्रक्रिया में एमएमआरडीए जुट गई है।