वो बहुत विनम्र इंसान हैं! -मौनी रॉय

छोटे पर्दे से बड़े पर्दे तक यानी टीवी की दुनिया से फिल्मों की दुनिया तक एक महत्वाकांक्षी सफर जिनका रहा है, उनमें शाहरुख खान, सुशांत सिंह राजपूत के साथ ही मौनी रॉय का नाम जरूर याद आता है। पिछले वर्ष अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘गोल्ड’ से बॉलीवुड में डेब्यू करनेवाली मौनी की तीसरी फिल्म ‘मेड इन चायना’ दिवाली जैसे सबसे बड़े त्यौहार के मौके पर रिलीज हो रही है। राजकुमार राव के साथ मौनी रोमांटिक पेयर में नजर आएंगी। पेश है पूजा सामंत की मौनी से हुई बातचीत के महत्वपूर्ण अंश-

‘मेड इन चायना’ में अपने किरदार के बारे में बताना चाहेंगी आप?
‘मेड इन चायना’ का ऑफर जब निर्देशक मिखिल मुसले ने दिया और कहानी का ब्रीफ तथा मेरे किरदार के बारे बताया तो मैं खुशी से झूम उठी। कोई भी कलाकार इस किरदार को करने के लिए लालायित हो उठे, ऐसा किरदार है ये।
फिल्म में आपने गुजराती महिला का किरदार निभाया है। इसके लिए आपने किस तरह की तैयारियां कीं?
ये तो पूछिए मत। क्या कुछ नहीं किया मैंने इस किरदार को निभाने के लिए। मेरा किरदार रुक्मिणी टिपिकल गुजरातन नहीं है। शादी से पहले वो अमदाबाद में रहती थी इसलिए उसका उच्चारण टिपिकल गुजरातियों जैसा नहीं है। मेरी स्टाइलिस्ट शीतल ने मुझे गुजराती लुक दिया।
राजकुमार राव के साथ आपने पहली बार काम किया। उनके बारे में आप क्या कहना चाहेंगी?
राजकुमार राव की करीब-करीब सभी फिल्में मैं पहले ही देख चुकी हूं। उनकी फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ देखकर तो मैं उनके परफॉर्मेंस की कायल हो गई। जब उनकी फिल्म ‘न्यूटन’ देखी तो मुझे ये एहसास हुआ कि बिना कुछ कहे ही वो अपने एक्सप्रेशंस के जरिए बहुत कुछ कह सकते हैं। हर सीन को अलग लेवल पर ले जाने की क्षमता है उनमें। उनके साथ फिल्म करना मतलब अभिनय के बारे में बहुत कुछ सीखना है। वो बहुत ही विनम्र इंसान हैं।
फिल्म में आपने एक गरबा डांस किया है। क्या आपने गरबा डांस करने की ट्रेनिंग ली थी?
मैंने क्लासिकल डांस सीखा है और जब भी मौका मिलता है तो मैं डांस करने का मौका नहीं छोड़ती। मैंने गरबे की ट्रेनिंग नहीं ली लेकिन विपिन शर्मा जो कोरिओग्राफर हैं, ने मुझे गरबा धुन पर थिरकना सिखाया।
आपकी डेब्यू फिल्म ‘गोल्ड’ थी तथा दूसरी फिल्म ‘रॉ’ थी। लेकिन इन दोनों फिल्मों को खास सफलता नहीं मिली। क्या आपको लगता है इससे आपका करियर प्रभावित हुआ है?
मेरा करियर बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुआ है ऐसा मैं कॉन्फिडेंटली कह रही हूं। वैसे मेकर्स की क्या राय है ये आप उनसे पता कर लें। ‘गोल्ड’ और ‘रॉ’ दोनों फिल्मों ने लागत वसूल ली थी।
सफलता मिलने के बाद आपमें कितना बदलाव आया?
मैं नहीं बदली हूं। लेकिन आपकी सफलता से आपके इर्द-गिर्द के लोग बदल जाते है।
आपका फिल्मों का सफर जारी है। ऐसे में क्या आप टीवी शोज के भी ऑफर स्वीकारेंगी?
मैं इतना जानती हूं कि एकता मैम मुझे ‘बालाजी फिल्म्स’ का जब भी ऑफर देंगी वो ऑफर ‘बालाजी’ और मौनी दोनों के लिए ही बेहद अच्छा होगा। एकता ने मुझे जब भी टीवी में मौका दिया वो एक से एक बढ़कर था। मैंने १० वर्षों तक टीवी पर राज किया क्योंकि एकता मेरी गॉडमदर हैं और उनके ऑफर्स से ही मुझे सफलता मिली।

जन्मतिथि – २८ सितंबर, १९८५
जन्मस्थान – कोलकाता
कद – ५ फुट ६ इंच
वजन – ५४
पसंदीदा
प्रिय कलर – सिंदूरी रेड
ड्रेस – कॉटन के सभी ड्रेस और साड़ियां पसंद हैं।
टूरिस्ट स्थान – दार्जिलिंग
मनपसंद व्यंजन – माछेर झोल
प्रिय डेजर्ट – रसगुल्ला
मनपसंद संगीतकार – सलिल चौधरी
प्रिय कलाकार – उत्तम कुमार, सुचित्रा सेन