" /> तांत्रिक ज्ञान के बिना बना रहे थे हानिकारक सैनिटाइजर-स्प्रे

तांत्रिक ज्ञान के बिना बना रहे थे हानिकारक सैनिटाइजर-स्प्रे

क्राइम ब्रांच ने किया अवैध कारखाने का पर्दाफाश
3 लाख के नकली सैनिटाइजर जब्त
2 आरोपी गिरफ्तार

बोरीवली स्थित एसवीपी रोड के पास पटेलवाड़ी इलाके में लाइसेंस के बिना सैनिटाइजर बनानेवाले कारखाने का पर्दाफाश मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-10 ने किया है। यूनिट 10 की टीम ने इस मामले में में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
कोरोना काल में तांत्रिक ज्ञान के बिना अवैध ढंग से सैनिटाइजर एवं डिसइंफेक्ट स्प्रे बनानेवाले कारखाने के बारे में यूनिट 10 के एपीआई वाहिद पठान को सूचना मिली थी। डीसीपी अकबर पठान के मार्गदर्शन तथा यूनिट-10 के प्रभारी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नामदेव शिंदे के नेतृत्व में एपीआई वाहिद पठान की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली सैनिटाइजर एवं डिसइंफेक्ट स्प्रे बरामद किया है। इस मामले में 47 वर्षीय एवं 42 वर्षीय 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामला शुक्रवार का है। आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी लाइसेंस के बगैर सैनिटाइजर और डिसइंफेक्ट स्प्रे को बनाकर अधिक कीमतों में बेचा करते थे। खबर मिलते ही क्राइम ब्रांच यूनिट- 10 की टीम हरकत में आई। छापे के दौरान हरा, नीला, लाल और सफेद रंग का तरल पदार्थ मिला। ये तमाम केमिकल प्लास्टिक के ड्रम और कैन में भरकर रखा गया था। आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि उनके पास सैनिटाइजर बनाने के लिए संबंधित सरकारी विभागों से किसी भी प्रकार का लाइसेंस नहीं लिया था। कारखाने में सैनिटाइजर और डिसइंफेक्ट स्प्रे बनाने के लिए बीकेसी / क्वाटरनरी अमोनियम कंपाउंड नामक केमिकल, पानी, गैर विषैला रंग एवं परफ्यूम को मिलाकर एक ड्रम में रखा जाता है। करीब 2 घंटे के बाद उसे बोतलों में भरकर स्टीकर चिपका दिया जाता है। इसके बाद उसे बाजार से अधिक दामों में बेचा जाता है। आरोपियों के पास से 3 लाख, 6 हजार, 805 रुपए के सामान जब्त किए हैं। उनके खिलाफ बोरीवली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है। पुलिस को शक है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। मामले की छानबीन जारी है।