" /> मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस हाइवे के किनारे बनाएगी ‘स्मार्ट सिटी’ !

मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस हाइवे के किनारे बनाएगी ‘स्मार्ट सिटी’ !

रियल स्टेट के संगठन ‘नारेडको’ से चल रही है चर्चा

दिल्ली से मुंबई के बीच सड़क मार्ग से सफर के समय को कम करने के लिए सरकार, दिल्ली से मुंबई के बीच एक्सप्रेस हाइवे बना रही है। इस परियोजना का 90 फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। अब सरकार इस परियोजना के अंतर्गत मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस हाइवे के किनारे स्मार्ट सिटी बनाने की योजना पर काम कर रही है। इस संबंध में सरकार रियल स्टेट के संगठन ‘नारेडको’ से बातचीत कर रही है।

बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रियल स्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको से कहा है कि सरकार यह देख रही है कि क्या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के किनारे एक टाउनशिप की योजना बन सकती है। इस बारे में मंत्री मंडल का एक नोट भी आया है। इस परियोजना पर अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय और पीएमओ लेगा। योजना के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाइवे इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूरा होते ही मुंबई से दिल्ली के बीच की दूरी सड़क मार्ग के जरिए 24 घंटे के बजाए महज 12 घंटे में तय कर पाना संभव होगा। इस परियोजना की कुल लागत 3.10 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। केंद्र सरकार की योजना देश में 22 एक्सप्रेस-वे और ग्रीन कॉरिडोर में से तीन का निर्माण तीन साल में पूरा करने का टारगेट रखा है। एक्सप्रेस-वे पर 10 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे।

हर तरह की होगी सुविधा

सरकार की योजना के मुताबिक 50 किलोमीटर के अंतराल पर पेट्रोल पंप, रेस्तरां की व्यवस्था के साथ ही सोलर प्लांट व रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के किनारे शहर, इंडडस्ट्रियल एरिया व ट्रांसपोर्ट नगर भी बसाया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के 40 फीसदी काम का आबंटन हो चुका है और बाकी 50 फीसदी के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण के मामले में 90 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है।

1,320 किलोमीटर लंबाई

दिल्ली-मुंबई देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 1320 किमी होगी। इस एक्सप्रेस-वे की मदद से दिल्ली से मुंबई की यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर 12 घंटे रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के पिछड़े और जनजातीय जिलों से गुजरता है। एक्सप्रेस-वे बनने से गुड़गांव और मुंबई के बीच की दूरी 1,450 किलोमीटर से घटकर 1,250 किलोमीटर हो जाएगी।