" /> मुंबई को नहीं है लॉकडाउन की आवश्यकता, मात्र २०० लोग ही हो रहे हैं अस्पताल में भर्ती

मुंबई को नहीं है लॉकडाउन की आवश्यकता, मात्र २०० लोग ही हो रहे हैं अस्पताल में भर्ती

देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते कई राज्यों में वापस लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। महाराष्ट्र के भी कई क्षेत्रों में पूर्ण रूप से
लॉकडाउन करने की अवधि को बढ़ा दिया गया है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा था कि क्या मुंबई में भी वापस पूरी तरह से लॉकडाउन घोषित किया जाएगा। इस सवाल का जवाब देते हुए मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने हाल ही में यह बताया है कि मुंबई में वापस
लॉकडाउन करने की आवश्यकता नहीं है। मात्र २०० के करीब लोग ही अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं और मुंबई में कोरोना वायरस की स्थिति समय के साथ बेहतर हो रही है।
बता दें कि वर्तमान में मुंबई में रोजाना १,२०० के करीब मामले आ रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोगों में काफी कम लक्षण पाए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें घर पर ही आइसोलेशन में रखा जा रहा है। मात्र २०० के करीब लोगों को ही अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत पड़ रही है। साथ ही अस्पताल में भर्ती होनेवालों की रिकवरी रेट भी पूरे देश की तुलना में काफी अच्छी है। देशभर में जहां रिकवरी रेट ५५ प्रतिशत है। वहीं मुंबई में यह रेट ७० प्रतिशत तक पहुंच गया है। मुंबई में पाए जानेवाले अधिकांश मामले दहिसर और उसके आसपास के इलाकों में मिल रहे हैं। इन क्षेत्रों में भी वसई-विरार के लोगों से संक्रमण बढ़ रहा है। मनपा आयुक्त का कहना है कि आनेवाले कुछ दिनों में मुंबई में पॉजिटिव मामलों की संख्या ५०० से १००० के बीच होगी। मुंबई में कोरोना की वृद्धि दर भी लगातार घटती जा रही है।