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मेट्रो 4-ए के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार : पहले पिलर कास्टिंग का काम पूरा

लॉकडाउन के कारण घोडबंदर रोड पर वाहनों की आवाजाही कम होने के साथ ही मेट्रो 4-ए के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मार्ग के पहले पिलर की कास्टिंग का काम पूरा कर लिया है। मेट्रो 4-ए के तहत गायमुख से कासारवडवली के बीच 2.7 किलोमीटर का मेट्रो मार्ग तैयार किया जा रहा है। यह मार्ग घाटकोपर-मुलुंड-ठाणे-कासारवडवली के बीच बन रहे मेट्रो 4 कॉरिडोर का विस्तार करके बनाया जा रहा है।
मुंबई के एलबीएस मार्ग से घोडबंदर के बीच बन रहा यह कॉरिडोर दो प्रमुख सड़क मार्ग से गुजर रहा है। दो महीने पहले तक सड़कों पर हर वक्त दौड़ती हजारों गाड़ियों की वजह से एमएमआरडीए को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कार्यस्थल तक मशीन लाने और पिलर पर गर्डर रखने के लिए यातायात विभाग से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी। पुलिस की तरफ से ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति मिलने के बाद ही गर्डर रखा जाता है। कोरोना के कारण मुंबई में हुए लॉकडाउन ने प्राधिकरण का काम आसान कर दिया है। ट्रैफिक की वजह से पहले जो काम रात को ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान होता था, वह अब दिन में होने लगा है। लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए एमएमआरडीए ने विभिन्न मेट्रो कॉरिडोर के मार्ग पर गर्डर रखने और पिलर तैयार करने के काम की रफ्तार बढ़ा दी है। घोडबंदर रोड पर मेट्रो 4 कॉरिडोर के मार्ग पर कई गर्डर रखे गए हैं। साथ ही मेट्रो 6 कॉरिडोर के मार्ग पर भी पहला यू गर्डर रखा गया।
14 हजार करोड़ का प्रॉजेक्ट
32.2 किलोमीटर लंबे मेट्रो 4 कॉरिडोर के निर्माण पर एमएमआरडीए करीब 14 हजार, 549 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इस मार्ग में कुल 32 स्टेशन होंगे। मेट्रो 4-ए के निर्माण पर 949 करोड़ रुपए खर्च होंगे।  2.7 किलोमीटर के मार्ग पर दो स्टेशन होंगे। पूरे मेट्रो 4 कॉरिडोर का काम 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार कॉरिडोर का यूटिलिटी वर्क 76 प्रतिशत, पाइलिंग वर्क 47 प्रतिशत और यू ग्रिड का काम 16 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद घोडबंदर रोड तक पहुंचने के लिए लोगों के पास मेट्रो के रूप में एक और विकल्प उपलब्ध होगा।