" /> मनुष्य बल कम, मशीनों से होगी नालों की सफाई : मनपा का निर्णय

मनुष्य बल कम, मशीनों से होगी नालों की सफाई : मनपा का निर्णय

कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते इस बार मॉनसून पूर्व नालों की सफाई के काम में मनुष्य बलों का कम इस्तेमाल किया जाएगा। इस बार नालों की सफाई में मशीन का ज्यादा इस्तेमाल करने पर मनपा ने जोर दिया है। इसके साथ ही नाला सफाई में ठेकेदारों को ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ सहित ‘मास्क’ का कड़ाई से पालन करना होगा।
बता दें कि मनपा क्षेत्र के अधीन मॉनसून पूर्व कामों में अब तेजी आएगी। तय समय पर मिठी नदी की साफ-सफाई सहित छोटे, बड़े नालों की सफाई के कार्यों को पूरा करने के लिए मनपा ने अधिक जोर दिया है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रैल के पहले सप्ताह में ही अधिकांश नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया। कोरोना वायरस के परिप्रेक्ष्य में इस बार नालों की सफाई का काम अलग तरीके से किया जा रहा है। नालों की सफाई के काम में इस बार मानवी हस्तक्षेप कम करने का निर्देश मनपा ने सभी ठेकेदारों को दिया है। इसके साथ कोरोना के संदर्भ में जारी सरकारी दिशा-निर्देश का पालन भी ठेकेदारों को नाला सफाई के काम में कड़ाई से करना होगा। मॉनसून से पहले करीब 264 किलोमीटर लंबी 280 बड़े नालों की सफाई की जाएगी। इसमें शहर के 27 बड़े नालों, पूर्वी उपनगर में 111 बड़े नाले और पश्चिम उपनगर के 142 बड़े नालों का समावेश है। नालों की सफाई में करीब 3,62,638 मेट्रिक टन कचरा निकाला जाएगा। मीठी नदी से करीब 1,38,830 मेट्रिक टन कचरा निकाला जाएगा। नियमानुसार 70 प्रतिशत नालों की सफाई मॉनसून पूर्व, शेष 30 प्रतिशत नालों की सफाई मॉनसून के दौरान और उसके बाद की जाएगी।