बेटिकट वोटर! यूपी में अटके मुंबई के मतदाता

लोकसभा चुनाव में अपने वोट का प्रयोग करने उत्तर प्रदेश (यूपी) गए हजारों मतदाताओं पर बेटिकट होने की नौबत आ गई है। गर्मी की छुट्टियां, शादी का सीजन और लोकसभा चुनाव में यूपी जाकर मतदान करने बड़ी संख्या में लोग मुंबई से यूपी गए हुए हैं लेकिन यूपी से लौटनेवालों पर कंफर्म टिकट न मिलने की पनौती लगी है। बता दें कि मुंबई-ठाणे और आसपास बड़ी संख्या में मेहनतकश वर्ग है जो मूलत: यूपी का वोटर है और यहां रोजी-रोटी की तलाश में आता है।
ज्ञात हो कि सोमवार ६ मई को यूपी में पांचवें चरण के तहत मतदान होना है। पांचवें चरण में १४ सीटों पर, छठे चरण में १२ मई को १४ सीटों पर और सातवें चरण के अंतर्गत १९ मई को १३ सीटों पर मतदान होनेवाला है। यूपी में मतदान के लिए मुंबई से गए वोटर चाहकर भी लौटने का जुगाड़ नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें ट्रेन का कंफर्म टिकट ही नहीं मिल पा रहा। जनरल डिब्बे में तो मारपीट तक की नौबत आ जाती है। स्लीपर सीट का इतना वेटिंग है कि टिकट कंफर्म होने की संभावना ही नहीं है। ऐसे में `बेटिकट’ वोटर टिकट की जुगाड़ में टिकट खिड़की पर कतार लगाने पहुंच रहा है। मतदान में कतार लगाने के बाद टिकट की कतार में खड़े रहने को मतदाता मजबूर है।
इन दिनों मई और जून में यूपी से मुंबई आनेवाली ट्रेनों का टिकट नहीं मिल रहा है। सारी गाड़ियों में वेटिंग बता रहा है। टिकट नहीं मिलने से यूपी मतदाता अपनी पैâमिली के साथ मुंबई आने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। संत कबीर नगर निवासी संदीप मौर्या बड़े शान से लोकसभा चुनाव का हिस्सा बनने मुलुक गए थे। अब चुनाव से ज्यादा उन्हें टिकट की चिंता सता रही है। संदीप मौर्या का कहना है कि १२ मई को उनके यहां चुनाव होने हैं। ऐसे में वे अभी से ही  वापसी टिकट की जुगाड़ में लगे हैं। संदीप के मुताबिक दलालों ने भी कन्फर्म टिकट के मामले में इस बार हाथ ऊपर कर लिए हैं। ६ मई को बांदा सहित १४ लोकसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। बांदा निवासी संजय सिंह का कहना है कि वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद सहित सभी रूटों से जानेवाली ट्रेनों के टिकट नहीं मिल रहे हैं। संजय सिंह के मुताबिक जून में स्कूल खुलने हैं। अकेले तो कैसे भी चले जाएंगे लेकिन परिवार को मुंबई कैसे लाया जाए? ये अब नहीं सूझ रहा है। दलाल कन्फर्म टिकट के लिए मोटी रकम मांग रहे हैं लेकिन साथ में ५ से ७ दिन का समय भी मांग रहे हैं। अब करें तो क्या करें, ये उन्हें नहीं सूझ रहा है।
 ६ मई, पांचवां चरण
फिरोजाबाद, धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, बहराइच, वैâसरगंज, गोंडा
 १२ मई, छठा चरण
सुलतानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज, आंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही
 १९ मई, सातवां चरण
महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सालेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज
 ट्रेनों का हाल
७ मई से १२ मई के बीच वाराणसी से एलटीटी आनेवाली ट्रेनों में १०० से ३०० के बीच स्लीपर क्लास की वेटिंग है जबकि लखनऊ से मुंबई आनेवाली ट्रेनों के स्लीपर क्लास कीr वेटिंग ३६० के पार पहुंच गई है जबकि १५०६५ गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस का वेटिंग टिकट ही नहीं मिल रहा है। प्रयागराज से मुंबई आनेवाली ट्रेनों की भी स्लीपर वेटिंग का भी अमूमन यही हाल है। वहीं १३ मई २० मई के बीच वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर से आनेवाली ट्रेनों का कन्फर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन है।