मैडम, मिनिस्टर घर का बजट मत बिगाड देना! मुंबईकर महिलाओं की वित्तमंत्री से मांग

मोदी सरकार २.० आगामी ५ जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट पेश करेगी। इस बार बजट देश की पहली महिला वित्त मंत्री बनीं निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। एक महिला होने के नाते वे देश की महिलाओं का दर्द भलीभांति समझती होंगी। ऐसे में देश के साथ-साथ मुंबई की महिलाओं में भी आस जगी है कि इस बार का बजट उन्हें कुछ राहत प्रदान करनेवाली होगी। ऐसे में अधिकतर महिलाओं की मिनिस्टर मैडम से यही मांग है कि उनके घर का बजट न बिगड़े। रोजमर्रा की चीजें सस्ती हों और महिलाओं के लिए रूटीन चेक-अप स्कीम लाई जाए ताकि समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच हो सके।
गौरतलब है कि मुंबई और महंगाई का पुराना नाता रहा है। घर चलाने के लिए लगनेवाला बजट मुंबईकर महिलाओं के हाथों में ही होता है। ऐसे में राशन, बच्चों के स्कूल की फीस, रोजमर्रा की जरूरतमंद सामग्री खरीदने की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर होती है। ऐसे में सरकार द्वारा करों में वृद्धि सीधे उनके घर के बजट पर को खराब करती है। बोरीवली की नीलम सिंह ने कहा कि वित्त मंत्री से यही अनुरोध रहेगा कि खाने की वस्तुओं पर जीएसटी की दरें अगर कम होंगी तो काफी अच्छी बात होगी। आज के दौर में चावल, दाल, आटा व सब्जियां सभी के दाम आसमान छू रहे हैं। आवश्यक चीजें सस्ती होनी चाहिए, यही मेरी मांग है। अंधेरी की प्रतिभा दुबे ने कहा कि एलपीजी के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। खाद्य पदार्थ तो महंगे हैं लेकिन उनके पकाने के लिए लगनेवाले र्इंधन भी यदि महंगे होंगे तो रसोई का पूरा बजट बिगड़ जाएगा। मेरी मांग है कि एलपीजी के दामों में कमी होनी चाहिए। दादर की सोनल म्हात्रे ने बताया कि आज के दौर में शिक्षा काफी महंगी हो गई है। कम पगार, महंगाई, ऊपर से पढ़ाई का खर्चा भी काफी अधिक है। सरकार को टैक्स दरों में कटौती करनी चाहिए ताकि स्कूल फीस में भी कुछ राहत मिले। शिक्षा के बजट में भी वृद्धि होनी चाहिए ताकि लोग अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। दहिसर की रुबीना खान ने महिलाओं के लिए प्रâी रूटीन चेकअप की मांग की है। उनका कहना है कि आजकल महिलाओं में कई बीमारियां उतपन्न हो रही हैं। जब तक तकलीफ न हो तब तक बीमारी का पता नहीं चलता। इसलिए मनपा व सरकारी अस्पतालों में ऐसा प्रबंध किया जाए, जहां समय-समय महिलाओं का रूटीन चेकअप हो।