ट्रैफिक का टेंशन! ६ हजार फेरीवालों को फटका

मुस्लिम बहुल मुंब्रा में प्रति वर्ष रमजान के महीने में मुंब्रा स्टेशन से लेकर कौसा तक जगह-जगह स्टॉल लगाए जाते थे। स्टॉल लगानेवालों में स्थानीय फेरीवालों के साथ-साथ बाहर से आनेवाले भी शामिल रहते थे। कपड़े, फल, बर्तन तथा अन्य घरेलू सामान बेचकर फेरीवाले अच्छी-खासी आमदनी कर लेते थे और अन्य लोगों की तरह वे भी परिवार के साथ ईद की खुशियां मनाते थे। गरीब तबके से जुड़े होने तथा कपड़ों एवं अन्य सामानों की कीमत कम होने के कारण स्थानीय लोग जमकर उनके सामानों की खरीददारी करते थे। रमजान के महीने में पिछले कई वर्षों से फेरीवाले बेरोक-टोक व्यवसाय करते रहे पर इस वर्ष यातायात जाम होने तथा सड़क विस्तारीकरण का काम शुरू होने की आड़ में फेरीवालों को व्यवसाय करने से रोक दिया गया है।
यातायात तो बहाना है बड़ों को फायदा पहुंचाना है
मुंब्रा प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त महेश अहिरे तथा पुलिस का कहना है कि फेरीवालों की वजह से यातायात जाम हो जाता है। मनपा तथा पुलिस के इस तर्क को स्थानीय राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा फेरीवालों ने खारिज कर दिया है। इनका कहना है कि पिछले वर्ष रमजान के महीने में मरम्मत हेतु मुंब्रा बायपास बंद कर दिया गया था। वाहनों की आवाजाही मुंब्रा के अंदर से हो रही थी। तब जाम नहीं हुआ, अब तो मुंब्रा बायपास भी खुला हुआ है। ज्यादातर वाहनों की आवाजाही मुंब्रा बायपास से हो रही है। एक मत से सभी लोगों का यही कहना है कि व्यवसाइयों को फायदा पहुंचाने के लिए ही फेरीवालों को फुटपाथ पर न बैठने देने का निर्णय लिया है। उन जगहों पर व्यवसाइयों की कारें तथा अन्य वाहन अवैध रूप से पार्क करा दिए गए हैें। फेरीवालों का सामान सस्ता होने की वजह से लोग उसे ही खरीदते हैं। इसका असर दुकानदारों पर पड़ता है। बता दें कि राजीव गांधी हॉकर्स यूनियन से जुड़े करीब ५०० फेरीवालों को मित्तल ग्राउंड में स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई है। इनमें भी बड़े पैमाने पर झोल होने के आरोप लग रहे हैं।
मौलाना करेंगे पालक मंत्री से मुलाकात
मौलानाओं की सबसे बड़ी जमात ‘जमीयत उलेमा हिंद’ के अध्यक्ष वहाब कासमी का कहना है कि रमजान के महीने में होनेवाली कमाई पर हजारों फेरीवालों की रोजी-रोटी चलती है। फेरीवालों को रमजान के महीने में व्यवसाय करने की इजाजत दी जानी चाहिए। इस संबंध में उलेमाओं का एक प्रतिनिधिमंडल शिवसेना नेता एवं ठाणे जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे तथा मनपा अधिकारियों से इसी सप्ताह मुलाकात करनेवाला है।