नायर में ‘नो मोर’ रैगिंग! डीन साधेंगे विद्यार्थियों से संपर्क

मनपा के नायर अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर द्वारा शोषण किए जाने के बाद बुधवार को निवासी  डॉक्टर पायल तड़वी ने खुदकुशी कर ली थी, ऐसे में किसी और डॉक्टर के साथ रैगिंग न हो इसलिए अस्पताल प्रशासन कुछ अच्छे और कड़े कदम उठाने जा रहा है। अस्पताल के डीन खुद विद्यार्थियों से संपर्क करेंगे। डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस व पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की जल्द काउंसलिंग की जाएगी और उनका स्वास्थ्य चेक भी समय-समय पर किया जाएगा।
बता दें कि बुधवार को नायर अस्पताल में पीजी कर रही डॉ. पायल तड़वी ने आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि पायल को उसके तीन महिला सीनियर डॉक्टर्स प्रताड़ित करते थे, ऐसे में तंग आकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने एट्रोसिटी के तहत मामला दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक ओर जहां पुलिस छानबीन में लगी हुई है, वहीं दूसरी अस्पताल प्रशासन इस अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो इस पर जोर दे रही है। अस्पताल के डीन, विभागों के प्रमुख, वरिष्ठ डॉक्टरों और निवासी डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करनेवाले `मार्ड’ और सुरक्षाकर्मियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। अस्पताल के डीन डॉ. रमेश भारमल ने कहा कि मृतक छात्रा के परिवार ने मुझसे कभी संपर्क नहीं साधा। मुझे यूनिट हेड ने भी यह बात नहीं बताई, जिसके लिए मैंने स्त्रीरोग के विभागप्रमुख और यूनिट हेड दोनों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। चाहे रैगिंग हो या फिर कोई पारिवारिक या निजी समस्याएं ये सब बातें छात्रों में तनाव पैदा करती हैं। आगे छात्रों के साथ ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए अब मैं खुद `मार्ड’ के डॉक्टरों के साथ हर १५ दिन में एक बार छात्रों से जाकर मिलूंगा और उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश करूंगा। डॉक्टरों के तनाव को कम करने के लिए हम काउंसलर नियुक्त करनेवाले हैं। छात्रों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर हर ६ महीने में उनकी मेडिकल जांच की जाएगी। इसके अलावा रैगिंग से संबंधित यदि किसी भी छात्र को कोई भी परेशानी होती है तो वे बेझिझक मुझसे संपर्क कर सकते हैं।